तेजस के आते ही वह उसके सामने घुटनों पर बैठ गया और बोला, “तपस्या, मुझसे शादी करोगी? Please marry me…” तपस्या हैरान-परेशान होकर इधर-उधर देखने लगी। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था। यह बात उसके लिए बेहद चौंकाने वाली थी। “आप क्या कह रहे हैं? आप ऐसा क्यों बोल रहे हैं?” वह परेशान स्वर में बोली। “वही जो तुम सुन रही हो। मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ।” “नहीं, मुझे शादी नहीं करनी है। सिर्फ़ आपसे ही नहीं, बल्कि किसी से भी नहीं। मैं अपने बेटे के साथ अपनी ज़िंदगी में बहुत खुश हूँ।” तपस्या ने कहा और बाहर जाने लगी। तेजस ने उसका हाथ पकड़ लिया। “क्या प्रॉब्लम है मुझसे शादी करने में? तुम्हारा तलाक हो चुका है, तो तुम मुझसे शादी कर सकती हो।” “प्लीज़, मुझे मेरी ज़िंदगी है और मुझे शादी करनी है या नहीं, यह मेरा फ़ैसला होगा।” वह तेजस से हाथ छुड़ाते हुए कमरे से बाहर चली गई। उसे उस आदमी से डर लग रहा था क्योंकि वह उसके बारे में सब जानती थी। अब कमरे में तेजस, नीता और मनदीप रह गए थे। “उसे कैसे भी मेरे साथ शादी के लिए मनाओ। याद रखो, अगर वह शादी के लिए नहीं मानी तो तुम लोगों का बिज़नेस भी नहीं रहेगा। अगर वह शादी के लिए मान जाती है तो तुम्हें बहुत बड़ी डील मिलेगी, जिससे तुम्हारा सारा लोन उतर जाएगा। वरना सोच लो, दिवालिया हो जाओगे तुम लोग।” तेजस ने अपने ब्लेज़र की जेब में हाथ डाले हुए कहा। उसकी बात सुनकर नीता और मनदीप एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। “मगर सर, शादी के लिए वह नहीं मान रही। आप हमें क्यों धमका रहे हैं? इसमें हमारी क्या गलती है?” “…क्योंकि वह तुम दोनों की हर बात मानती है। उसे मनाओ कि वह मुझसे शादी कर ले। समझाओ उसे तुम लोग।” वह धमकी देते हुए ड्राइंग रूम से बाहर जाने लगा। “सुबह तक का टाइम है तुम लोगों के पास।” तेजस जाते हुए बोला। वह वहाँ से चला गया। नीता और मनदीप अपना सिर पकड़कर बैठ गए। “यह क्या हो गया? नीता, यह आदमी हमें डरा रहा है। मैं नहीं डरता किसी से।” मनदीप ने कहा। “कर्ज़ की किश्तें हम लोग सही समय पर भरते हैं और हमने कौन सा कर्ज़ इससे लिया है? जिसने हमें कर्ज़ दिया है, वह हमें अच्छे से जानता है। हम उसे पैसे का ब्याज भी देते हैं, इसलिए वह हमें कर्ज़ देता है।” मनदीप ने कहा। “नहीं, मुझे डर लग रहा है इस आदमी से। इस आदमी का दिमाग थोड़ा सा खिसका हुआ है।” वह दोनों अपना सिर पकड़कर बैठे थे। तपस्या ने जब देखा कि तेजस चला गया है तो वह ड्राइंग रूम में आ गई। “आप लोग ऐसे क्यों बैठे हैं? क्या हुआ?” “वही जो नहीं होना चाहिए था।” “क्यों दीदी? क्या हुआ?” “तेजस हमें धमकी देकर गया है कि अगर तुम उसके साथ शादी नहीं करोगी, तो वह हमारा बिज़नेस बर्बाद कर देगा, हमें सड़क पर ला देगा।” “यह बात गलत है। वह ऐसा नहीं कर सकता।” तपस्या ने कहा। “बिल्कुल गलत है। मैं नहीं डरता। साथ ही, ऐसे आदमी से शादी करना सीधे-सीधे अपनी ज़िंदगी बर्बाद करना है। चलो सोचते हैं कि क्या किया जाए। तुम डरो मत तपस्या, हम तुम्हारे साथ हैं। ऐसे नहीं डरने वाले हम उससे…” मनदीप ने कहा। वे तीनों परेशान थे, जो हो रहा था, यह बात उन्होंने सोची भी नहीं थी। फिर उन तीनों ने खाना नहीं खाया। तपस्या तपन को लेकर अपने गेस्ट हाउस में चली गई और वह दोनों अपने कमरे में जाने लगे। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद मनदीप के फ़ोन पर किसी का फ़ोन आया। उससे बात करने के बाद वह बोला, “यह आदमी हमें बर्बाद करके छोड़ेगा।” “क्यों? क्या हुआ? किसका फ़ोन था?” नीता पूछने लगी। “हमने जिस आदमी से इस घर और अपने शेयर्स को गिरवी रखकर पैसे लिए थे, तेजस ने उस आदमी से दुगुने पैसे देकर यह घर और हमारे शेयर खरीद लिए हैं। अब अगर हम लोगों ने तपस्या को शादी के लिए नहीं मनाया तो वह हमें बर्बाद कर देगा, हमें इस घर से भी निकाल देगा और हमारे बिज़नेस में इंटरफ़ेरेंस करेगा, क्योंकि उसके पास 49% शेयर्स हैं।” मनदीप ने कहा। नीता ने तपस्या को फ़ोन लगाकर अपने पास बुला लिया था। अब पूरी बात सुनने के बाद तपस्या बोली, “…मैं शादी के लिए तैयार हूँ। आप लोगों ने मुझे बुरे समय पर सहारा दिया। मैं आपकी बर्बादी का कारण नहीं बन सकती। देखा जाएगा जो मेरे साथ होगा।” “…मैं सच कहता हूँ, हम लोग ऐसा नहीं चाहते थे, मगर हमारे पास कोई रास्ता ही नहीं रहा। इसलिए हम तुम्हें उससे शादी करने को कह रहे हैं, क्योंकि वरना हम सड़क पर आ जाएंगे।” “…कह दो उससे फ़ोन करके कि मैं उसके साथ शादी के लिए तैयार हूँ।” नीता ने तेजस को फ़ोन लगाया। “ठीक है सर, तपस्या तैयार है आपसे शादी के लिए।” उसने बोला। “मेरी तपस्या से बात कराओ।” नीता ने फ़ोन तपस्या को पकड़ा दिया। “हम लोग सुबह पहले कोर्ट में और फिर मंदिर में शादी कर रहे हैं। सुबह तुम्हारे पास शादी के कपड़े और गहने पहुँच जाएँगे। तुम समय पर तैयार हो जाना। बाकी तुम्हें मेरे बारे में तो पता ही है, जो बाद में सोच लेता हूँ उसे पूरा करके ही रहता हूँ…” उसने तपस्या से कहा। “ठीक है।” उसने धीरे से कहा। आज उसकी ज़िंदगी ऐसे बदल जाएगी, उसने सोचा नहीं था। “सचमुच तुम बहुत बुरे हो तेजस, मैं ज़िंदगी में तुम्हारी शक्ल भी नहीं देखना चाहती थी।” तपस्या पूरी रात रोती रही। उसे अपने बेटे का भी फ़िक्र हो रहा था। ऐसे आदमी का पता नहीं था कि वह उसके बच्चे के साथ कैसे बर्ताव करेगा और तपस्या को अभी तक वह रात नहीं भूली थी, कैसे उस रात उसके साथ वह निर्दयी हुआ था। उसे उस आदमी से डर लग रहा था। वह रात वह कभी नहीं भूल सकी थी।
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तेजस के आते ही वह उसके सामने घुटनों पर बैठ गया और बोला, “तपस्या, मुझसे शादी करोगी? Please marry me…” तपस्या हैरान-परेशान होकर इधर-उधर देखने लगी। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था। यह बात उसके लिए बेहद चौंकाने वाली थी। “आप क्या कह रहे हैं? आप ऐसा क्यों बोल रहे हैं?” वह…





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