और तपस्या पूरी रात रोती रही। उसे अपने बेटे की भी फिक्र हो रही थी। ऐसे आदमी का पता नहीं उसके बच्चे के साथ कैसे व्यवहार करेगा। तपस्या को अभी तक वह रात भी नहीं भूली थी, कैसे रात वह उसके साथ क्रूर हुआ था। उसे उस आदमी से डर लग रहा था। वह उसके साथ जीवन में फिर कभी रात नहीं बिताना चाहती थी। सुबह होते ही तेजस ने उसके लिए एक शादी का जोड़ा भेज दिया था और साथ में तपस्या का मेकअप करने के लिए एक मेकअप आर्टिस्ट भी। वह चुपचाप तैयार हो गई थी। वह जानती थी अब उसके पास कोई रास्ता नहीं है। कोई नहीं है जो उसकी मदद कर सके। जो लोग उसकी अब तक मदद कर रहे थे, उनको वह बर्बाद करने की धमकी दे रहा था। वह उनकी बर्बादी का कारण नहीं बन सकती थी। अगर बात उसकी होती, तो शायद वह अपने बेटे को लेकर कहीं गायब हो जाती। कोई उसे खोजकर नहीं ला सकता था। मगर नीता और मनदीप, उन दोनों का तो कोई कसूर नहीं था। उन दोनों ने तो उसे रहने के लिए घर दिया, नौकरी दी। तो आज वह उनको मुसीबत में छोड़कर नहीं जा सकती थी। उसे तेजस के बारे में हर बात पता थी। उसने तेजस के ऑफिस में काम किया था। “उसे पता था कि वह कितना जिद्दी आदमी है, उसे पाने के लिए कुछ भी कर सकता है, उसकी जिद की कीमत वो चुकाने वाले थे।” वह चुपचाप तैयार हो गई थी। तेजस खुद तपस्या लेने आया था। तपस्या के साथ-साथ नीता और मनदीप भी उसके साथ ही थे क्योंकि कोर्ट में दो गवाह चाहिए थे। कोर्ट में शादी होने के बाद वे सभी मंदिर चले गए। मंदिर में फेरे हुए थे। तेजस ने तपस्या की मांग में सिंदूर भर दिया था और गले में मंगलसूत्र पहनाया। मंदिर में फेरों के बाद तेजस ने नीता और मनदीप से कहा, “और तुम दोनों के जो चेहरे हैं ना, इन्हें ठीक करो और तपस्या से भी कहो ऐसे चेहरा लेकर मेरे मॉम-डैड के सामने नहीं जाना है। वरना वे कहेंगे कि मैं इसे उठाकर लाया हूँ।” तेजस नीता और मनदीप से कह रहा था। नीता ने धीरे से तपस्या को समझा दिया था कि अपना चेहरा ठीक रखे। शादी होने के बाद उनको एयरपोर्ट की तरफ जाना था। “आप दोनों को हम लोग घर छोड़ देते हैं… वहीं से तपन को साथ ले लेंगे…” तेजस ने नीता और मनदीप से कहा। तेजस की बात सुनकर तपस्या की जान में जान आई थी। अब तक उसका ध्यान तपन पर ही था। वे सभी लोग नीता और मनदीप के घर की तरफ जाने लगे। तपन में उसकी जान थी। “तुम गाड़ी में बैठो… मैं तपन को लेकर आता हूँ…” तेजस ने कहा। “मगर कपड़े-सामान भी उठाना है… मेरा और तपन का…” तपस्या ने कहा। “तुमने पैक तो कर दिया है ना… मैंने तुम्हें रात को कह दिया था… कि अपना सामान पैक कर लो…” तेजस ने कहा। तेजस ने गाड़ियों में सामान रखवा दिया था। फिर वह तपन के पास गया। “चलो बेटा चले…” तेजस ने तपन से कहा। “अंकल आपके साथ… मेरी माँ गुस्सा होगी… ऐसे किसी के साथ नहीं जाते… इसलिए मैं आपके साथ नहीं जा सकता…” उसने कहा। “बेटा, मैं अंकल नहीं, डैड हूँ तुम्हारा… मुझे डैड कहो…” उसकी बात सुनकर तपन मुस्कुरा कर देखने लगा। “सचमुच… मैं आपको डैड कह सकता हूँ…” तपन तेजस की बात सुनकर बहुत खुश हो गया था। “हाँ बेटा, बिल्कुल… चाहो तो मॉम से पूछ लो… वो गाड़ी में है…” तपन तेजस के साथ आ गया था। वह गाड़ी में बैठते ही अपनी मॉम से बोला, “…मॉम… अंकल कह रहे हैं… मैं उन्हें डैड कह सकता हूँ… कह दूँ क्या…” तपस्या ने सिर हिला दिया। “ठीक है बेटा… कह दो…” तपस्या ने धीरे से कहा। तपन तेजस की गोद में बैठ गया। “और हाँ तपस्या, घर में किसी को भी सच मत बताना… सबसे यही कहना है तपन मेरा बेटा है…” “ठीक है…” तपस्या ने कहा। तपस्या जानती थी कि उसके पास और कोई चारा नहीं है। “मालूम नहीं यह आदमी कितना झूठ बोलता है… अपने घरवालों से क्या-क्या झूठ बोलेगा… आखिर मुझ में इसे इतना इंटरेस्ट क्यों है… ऐसी कौन सी लड़कियों की कमी है… हर लड़की के साथ शादी के लिए तैयार है…” वे लोग दिल्ली से अपने शहर पहुँच गए थे। वहाँ पहुँचते ही तेजस ने तपस्या से कहा, “तुम्हारे चेहरे पर वह खुशी होनी चाहिए… जो नई दुल्हन के चेहरे पर होती है… मेरे घरवालों को ऐसा ना लगे कि मैं तुमसे जबरदस्ती शादी की है… इसलिए जरा फेस पर स्माइल लेकर और थोड़ा सा मुस्कुराओ… जो मैंने तुम्हें बताया था… वह याद है ना तुम्हें… वही कहना है… तपन मेरा बेटा है… कई साल पहले हम दोनों का अफेयर था… और फिर किसी वजह से हम दोनों अलग हो गए थे… और आज फिर मिले हैं… एक दूसरे से… वहाँ पर कुछ भी और कहने की जरूरत नहीं है… वैसे भी हमारी कानूनी शादी हो चुकी है… और तुम्हें मेरे बारे में पता है… ज्यादा समझाने की जरूरत नहीं है… जो चीज मुझे चाहिए… उसके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ… किसी भी हद तक जा सकता हूँ…” तेजस ने उसे ऊँची आवाज में कहा। “ठीक है…” तपस्या बोली। “मुझे सुनाई नहीं दे रहा… तुमने क्या कहा… जरा ऊँचा बोलो…” “ठीक है…” तपस्या फिर बोली। “हाँ, वहाँ पर भी तुम्हारी ऐसी ही आवाज होनी चाहिए… मेरे घरवालों के सामने…” “क्या आपने बता दिया कि हम लोग शादी करके आ रहे हैं…” “नहीं, जब वे तुम्हें मेरे साथ देखेंगे, उन्हें तभी पता चलेगा…” “मगर क्या वे मुझे स्वीकार करेंगे…” “बिल्कुल करेंगे और बहुत खुशी से करेंगे…” तेजस ने कहा। वह अपने मन में सोच रही थी, “वे भी इससे डरते होंगे… अगर इसके घरवाले भी इसके ही जैसे हुए… तो पता नहीं मेरा क्या होगा…” आगे क्या होगा तपस्या के साथ?
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और तपस्या पूरी रात रोती रही। उसे अपने बेटे की भी फिक्र हो रही थी। ऐसे आदमी का पता नहीं उसके बच्चे के साथ कैसे व्यवहार करेगा। तपस्या को अभी तक वह रात भी नहीं भूली थी, कैसे रात वह उसके साथ क्रूर हुआ था। उसे उस आदमी से डर लग रहा था। वह उसके…





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