श्रेणी: series
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जय ने कहा, “तुम्हारे लिए कपड़े भिजवाता हूँ।” कहता हुआ वह बाहर चला गया। थोड़ी देर में माया फ्रेश हो चुकी थी। जयराज और माया दोनों लॉन में बैठकर चाय पी रहे थे।”जहाँ का मौसम कितना अच्छा है!” माया ने कहा। “शहर से दूर, कितनी फ्रेश एयर है!””तो तुम्हें पसंद आया?” जय ने पूछा।”तो ठीक…
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बिल्कुल भीग गई हो। जय ने शरारत से कहा। उसके कंधे से साड़ी हटाने लगा।सारे कपड़े गीले हो चुके हैं।”उतार दो इन्हें।””मुझे सब पता है आपकी चाल।” मगर जयराज ने उसकी नहीं सुनी।”जय, अब आपको माया के पास जाना चाहिए। उसकी बेहोशी टूटने लगेगी, बहुत टाइम हो गया।” जानवी, जो जयराज के सीने से लगी…
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सचमुच आप तो बड़े रोमांटिक हैं।”मुझे नहीं पता था। मुझे तो लगता था इतनी बड़ी इंडस्ट्री का मालिक रुखा-सुखा होगा। जिसे हर टाइम बिज़नेस मीटिंग, यही सब आता होगा।””मुझे नहीं पता था वह ऐसा है।””तुम मेरे बारे में अभी जानती ही कितना हो?””लोग कहते हैं, मेरे मन में क्या है कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।…
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जयराज कमरे से दरवाजा खोलकर जाने लगा था, किन्तु वह वापस आ गया। उसने माया को ऊपर से नीचे तक देखा।”तो चलो मेरे साथ, मेरे फार्म हाउस पर चलते हैं,” जयराज ने मुस्कुराकर कहा, “जो शहर से बाहर है। और हाँ, तुम मेरे साथ रात गुजारने का कोई पछतावा नहीं करोगी।””चलिए,” माया खुश हो गई…
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कुंदन श्रीवास्तव ने कहा, “देखिए, मुझे तो बहुत ज़रूरी काम है। मेरी फ़ैक्ट्री में प्रॉब्लम हो गई है। मुझे जाना पड़ेगा। वैसे भी इस प्रोजेक्ट को माया ने हैंडल करना है, और यह मेरी बात कभी नहीं मानती। इसीलिए आप दोनों ही इस प्रोजेक्ट पर बात करो। मैं इस प्रोजेक्ट में बिल्कुल भी शामिल नहीं…
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मॉडल गौहर गाड़ी से उतर चुकी थी और वह वहां से जाने लगी। जब उसने युग के साथ पारी को आते हुए देखा तो वह हैरान हो गई। उसने इस लड़की के लिए मुझे गाड़ी से उतार दिया । युग और परी वह दोनों एक साथ गाड़ी में बैठ चुके थे। मेरा पूरा प्लान बर्बाद…
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यश ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अरे मैंने तो मजाक किया था, तुम तो सचमुच सीरियस हो गए।” वो हँसने लगा। यश ने कहा, “पहले मेरा तो कुछ होने दे, फिर ही तुम्हारा होगा। मेरे वाली तो मुझे देखती भी नहीं।” युग ने कहा, “तो भाई देखना चाहिए ना उसे? इतना हैंडसम भाई और ऊपर…
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फिर इतनी जल्दी तुम वहां से क्यों आ रही हो । अगर तुम्हारी इतनी अच्छी मुलाकात हो रही थी। क्योंकि मैं नहीं चाहती कि उसे ऐसा लगे मैं उस के पीछे हुं। अगली मुलाकात जल्दी होगी हमारी ।कहते हुए माया वहां से निकल गई। तभी उसके बाद जाते ही जय राज के फोन पर…
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सर, आपकी यह बात ठीक है। हमारे बिज़नेस के लिए यह होटल बहुत अच्छी जगह है। थोड़ी ही देर में वे दोनों उस होटल के कमरे से निकल गए थे। उनके निकलने के बाद एक आदमी उस कमरे में आया। उसने एक स्टूल खींचा और दीवार पर लगे वॉल क्लॉक को उतारा। उसमें से उसने…
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माया कमरे से बाहर निकलते हुए बोली, “क्लब जा रही हूँ और जयराज सिंघानिया भी आज वहीं आने वाला है। आज से ही अपना काम शुरू करने वाली हूँ।””अब यह लड़की क्या करने वाली है? डर लगता है मुझे इससे, बड़ी जिद्दी है।” कुंदन श्रीवास्तव ने कहा।”जयराज को ठीक करने के लिए ऐसा ही कोई…