सचमुच आप तो बड़े रोमांटिक हैं।”मुझे नहीं पता था। मुझे तो लगता था इतनी बड़ी इंडस्ट्री का मालिक रुखा-सुखा होगा। जिसे हर टाइम बिज़नेस मीटिंग, यही सब आता होगा।””मुझे नहीं पता था वह ऐसा है।””तुम मेरे बारे में अभी जानती ही कितना हो?””लोग कहते हैं, मेरे मन में क्या है कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता। सिर्फ़ मेरी बीवी मेरा चेहरा देखकर बता देती है कि मैं क्या सोच रहा हूँ।”उसकी बीवी का नाम आते ही माया का मूड खराब हो गया। माया को समझ नहीं आया कि वह इस वक्त अपनी बीवी का नाम क्यों ले रहा था। कमरे में पहुँचकर जयराज सिंघानिया ने उसे अपनी बाहों से उतार दिया था।”तुम चाहो तो फ़्रेश हो सकती हो,” उसने माया से कहा।माया वहाँ खिड़की पर पहुँची और उसके पर्दे साइड करने लगी।”कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना? अगर मैं पर्दे साइड करती हूँ?””बिल्कुल है, क्यों नहीं है? इस खूबसूरत से चेहरे पर जब रोशनी पड़ेगी तो रोशनी की किरणों से मुझे जलन होगी। अगर खिड़की से हवा बाहर आएगी तो वह तुम्हें छुएगी तो मुझे उससे भी जलन होगी।” जयराज उसे पीछे से अपनी बाहों में ले लिया।”बहुत बड़ी बातें करते हैं आप,” माया ने खुशी से कहा।”मैं बातें नहीं करता, काम भी बड़े करता हूँ। दिखा दूँगा तुम्हें।””आप अपनी बीवी से डरते हो, हाँ या नहीं?” माया ने कहा।”बिल्कुल भी नहीं। अगर मैं उससे डरता होता तो तुम यहाँ नहीं होतीं और हो सकता है हम दोनों सुबह तक सोशल मीडिया पर भी आ जाएँ।””तो फिर तुमने यह क्यों कहा कि तुम्हारी बीवी बिना बताए सब जान जाती है?””यह सच्चाई है, मेरे दिमाग में क्या चल रहा है, वह मेरा चेहरा देखकर जान जाती है।””आप उससे बहुत प्यार करते हो,” माया ने कहा।”उसके सामने दावा तो मैं ऐसा ही करता हूँ कि मैं उसे चाहता हूँ, मगर…””क्या मगर?””मगर वह भी जानती है कि मेरे कितनी औरतों से रिश्ते हैं। उसे लगता है कि अगर उसने मुझे रोका, तो शायद मैं उसे छोड़ दूँगा। प्रॉब्लम यह है कि मैंने उसे छोड़ दिया तो मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। मगर मेरे बेटे और मेरी बेटी, तीनों पूरी तरह से उसके कब्ज़े में हैं। अगर वह दिन कहेगी तो दिन है, अगर वह रात कहेगी तो रात।””तो क्या आपका बड़ा बेटा युग भी ऐसा ही है?””उस पर तो पता नहीं उसने क्या जादू-टोना किया है। जिस दिन से वह घर में शादी करके आई है, वह पूरा दिन ‘मॉम-मॉम’ करता हुआ उसके पीछे घूमता है। जो वह कहती है वही करता है। इसीलिए आज तक मैं उसे छोड़ नहीं सका। वरना उसमें ऐसा क्या है जो मुझे बाँध सके?””उसकी मॉम तो आपकी पहली वाइफ है ना?” माया ने कहा।”मगर वह अपनी माँ जानवी ही मानता है,” जयराज ने सीरियस होते हुए कहा।”अगर तुम कहो तो मैं कोशिश करके देखूँ, युग के साथ दोस्ती करने की।””बिल्कुल कर सकती हो।” जयराज ने उसका हाथ खींचकर उसे अपने साथ बेड पर बिठा लिया। “ऐसा करो माया, तुम फ़्रेश हो जाओ। मैं जरा शाम को पूरी तरह से रंगीन करने का इंतज़ाम करता हूँ।”माया फ़्रेश होने के लिए बाथरूम चली गई। वह बाथरूम से बाहर आई। उसने बाथरोब पहना हुआ था। वह कमरे को देखकर हैरान हो गई। कमरे में कैंडल जल रही थीं, जिनसे भीनी-भीनी खुशबू आ रही थी। सामने महँगी वाइन पड़ी हुई थी। खाने-पीने का सामान पड़ा था और जयराज बैठा उसी का इंतज़ार कर रहा था।”आओ जान, आओ, आप तो कहते थे कि आप पीते नहीं,” माया हैरान थी।”दुनिया के लिए नहीं पीता, मगर अकेले में तो पीता हूँ।” उसने दो गिलासों में वाइन डाली और अपनी जगह से खड़ा होकर माया के पास आया। पहले उसने गिलास से एक घूँट खुद लिया और फिर माया के होठों से लगा दिया।”पी जाओ, हमारे प्यार के नाम,” जयराज ने उसे कहा।माया ने पूरा गिलास ख़त्म कर दिया। गिलास ख़त्म करने के बाद माया ने जयराज के गले में अपनी बाहें डाल दीं और जयराज को किस करने के लिए उसके होठों की तरफ़ बढ़ने लगी।जयराज ने उसकी गाल पर किस कर लिया।”तुम बहुत ख़ूबसूरत हो,” वह बोला।”मगर तुम बहुत ज़्यादा हैंडसम हो,” माया ने कहा। उसकी टाँगें लड़खड़ाने लगी थीं। उस पर नशा हावी होने लगा था। वह अपना बाथरोब खोलने लगी।”अब मुझसे इंतज़ार नहीं होता।””तो चलो बेबी, बेड पर चलते हैं।” जयराज ने उसे बेड पर धकेल दिया। जैसे ही वह बेड पर गिरी, माया बेहोश हो चुकी थी।”माया! माया!” जयराज उसे उठाने लगा। वह नहीं उठी। जयराज ने उसके दोनों पैर उठाकर उसे बेड पर फेंक दिया और फिर उसने बोतल उठाई और बाथरूम में जाकर उसे पूरा खाली कर दिया। जो खाने-पीने का सामान था, उसने एक प्लेट में डाला और ऐसे दिखाया जैसे रात यहाँ पर ड्रिंक की गई थी।”वो सो चुकी है,” उसने मैसेज किया। थोड़ी ही देर में कमरे का दरवाज़ा खटखटाया।”आ जाओ,” जयराज ने कहा।जानवी कमरे के अंदर आई।”यह नशे में है। और जाओ, जाकर आप नहाकर आओ।” जानवी ने जयराज से कहा। “आप उसके पास बैठे थे। उसे किस भी किया होगा।””बिल्कुल भी नहीं, तुम्हारी कसम,” जयराज ने सफ़ाई दी।”मैंने कहा ना, चलो और जाकर नहाकर आओ,” जानवी ने फिर कहा।”चलो, थोड़ी देर हम लोग बाहर बैठते हैं और खाना खाते हैं।” वह दोनों कमरे से बाहर चले गए।”सर, खाना लग चुका है,” एक आदमी आया और उसने कहा।”उसे कहीं होश ना आ जाए। आप वहीं चले जाना। उसे लगना चाहिए कि रात सच में वो उसके साथ थी।”खाना ख़त्म करते ही जयराज ने कहा, “मैं नहीं जाने वाला उसके पास। देखो, न टाइम ही कितना हुआ है। अभी पाँच घंटे से होश नहीं आएगा, तो मैं तुम्हारे साथ सो सकता हूँ। ऐसे तो मुझे नींद भी नहीं आएगी।” उसने पास की चेयर पर बैठी हुई जानवी का हाथ पकड़ा। “चलो कमरे में चलें।””जय, कभी तो सीरियस हो जाया करो।” जानवी को डर था कहीं माया को होश ना आ जाए।”मैंने मज़ाक कब किया है?” वह अपनी जगह से खड़ा हो गया। उसने जानवी को जबरदस्ती गोद में उठा लिया। “चलो, तुम्हें ऊपर ले जाता हूँ। मगर किराया लगेगा।””मैं कोई किराया नहीं देने वाली,” जानवी ने कहा।वह उसे लेकर ऊपर चला गया था।”तुम्हारे कपड़ों में से उसके परफ़्यूम की स्मेल आ रही है,” जानवी ने कहा।”दो मिनट मेरी जान, चलो नहाने जाएँगे। तुम मेरी हेल्प करो नहाने में। कहीं उसकी खुशबू रह ना जाए।” कहते हुए जयराज ने शावर चालू कर दिया।”मैं भीग जाऊँगी,” जानवी ने बाहर जाने की कोशिश की। मगर जयराज ने उसे नहीं छोड़ा था और वह पूरी तरह से उसकी बाहों के हिसार में थी।”देखो, मैं भीग गई।””बिल्कुल भीग गई हो।” जयराज उसके कंधे से साड़ी हटाने लगा। “सारे कपड़े गीले हो चुके हैं, उतार दो इन्हें।””मुझे सब पता है आपकी चाल,” मगर जयराज ने उसकी नहीं सुनी थी और…
Sitaron se aage episode 79
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सचमुच आप तो बड़े रोमांटिक हैं।”मुझे नहीं पता था। मुझे तो लगता था इतनी बड़ी इंडस्ट्री का मालिक रुखा-सुखा होगा। जिसे हर टाइम बिज़नेस मीटिंग, यही सब आता होगा।””मुझे नहीं पता था वह ऐसा है।””तुम मेरे बारे में अभी जानती ही कितना हो?””लोग कहते हैं, मेरे मन में क्या है कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।…







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