यश ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अरे मैंने तो मजाक किया था, तुम तो सचमुच सीरियस हो गए।” वो हँसने लगा। यश ने कहा, “पहले मेरा तो कुछ होने दे, फिर ही तुम्हारा होगा। मेरे वाली तो मुझे देखती भी नहीं।” युग ने कहा, “तो भाई देखना चाहिए ना उसे? इतना हैंडसम भाई और ऊपर से ऑफिस में उसका बॉस, सिंघानिया इंडस्ट्रीज का होने वाला सीईओ। कौन सी लड़की मना करेगी उसे?” युग ने आराम से कहा, “सीईओ बनने की टेंशन मैं नहीं लेने वाला।” यश ने पूछा, “मतलब डैड कितने साल और काम करेंगे? संभालना तो आपकी ही पड़ेगा।” युग ने यश की तरफ मुस्कुराते हुए कहा, “यशराज सिंघानिया बनेगा सिंघानिया इंडस्ट्री का सीईओ, और युगराज सिंघानिया उसका पर्सनल असिस्टेंट।” यश कहने लगा, “मगर मुझे सिंघानिया इंडस्ट्री का सीईओ कभी भी नहीं बनना, आप अच्छे से जानते हैं भाई।” युग ने कहा, “मैंने तुम्हें लोअर लेवल पर काम करने की सलाह क्यों दी? क्योंकि मैं चाहता था तुम वह बातें समझो जो मैं नहीं समझ सका। मुझे पता है मेरे भाई में कितनी काबिलियत है। मुझमें थोड़ा गुस्सा ज़्यादा है, और इतनी बड़ी इंडस्ट्री को संभालने के लिए गुस्से वाले इंसान की नहीं, जो इंसान ठंडे दिमाग से सोचता है उसकी ज़रूरत होती है। तुम्हारे बारे में मुझे हर बात पता है, तुम बहुत काबिल लड़के हो।” युग ने आगे कहा, “चलो भाई छोड़ो इस बात को। पर मैं एक बात कह देता हूँ, अगर आपने कभी मुझे सिंघानिया इंडस्ट्रीज का सीईओ बनने की बात की तो मैं घर छोड़कर चला जाऊँगा।” यश ने अपनी फाइल वहीं रखी और ऑफिस से बाहर जाने लगा। युग ने उसे रोक लिया। “क्या कर रहे हो? क्यों रूठ रहे हो बच्चों की तरह?” यश ने कहा, “देखो भाई, सिंघानिया इंडस्ट्रीज का सीईओ बनना आपका हक है। आप जयराज सिंघानिया और जानवी सिंघानिया के बड़े बेटे हैं। पहले आप काम देखो, अगर कभी ज़रूरत पड़ी तो मैं बन जाऊँगा।” युग ने कहा, “याद रखना हम दोनों भाइयों के बीच कभी भी सिंघानिया इंडस्ट्री नहीं आएगी, और जो लड़की मेरे साथ ज़िन्दगी में आगे बढ़ेगी, उसे भी यह पता होगा कि युग की लाइफ में यश की क्या अहमियत है।” यश हँसने लगा, “छोड़ो इन सब बातों को, अभी डैड हैं ना देखने के लिए। जो हमारे बच्चे होंगे, उनके हम उन्हें सीईओ बनाएँगे।” दोनों भाई वापस काम करने बैठ गए थे। जयराज और जानवी दोनों बेडरूम में अपने बेड पर बैठे हुए थे। सामने टीवी चल रहा था, न्यूज़ चैनल चला हुआ था। जानवी ने जयराज के हाथ से रिमोट पकड़ा और मूवी लगाने लगी। जयराज का ध्यान न्यूज़ पर नहीं था, वह सोच रहा था। गहरी सोच में डूबे हुए जयराज का आसपास कोई ध्यान नहीं था। जानवी ने कहा, “आपको नहीं पता चला मैंने चैनल चेंज कर दिया? आप अभी भी सामने देख रहे हैं।” जयराज ने कहा, “जानवी, तुम्हें नहीं लगता, इस बात में कितना रिस्क है? तुमने इतनी आसानी से मुझे कह दिया, ‘नहीं, आप ही करेंगे।’” जानवी ने कहा, “तो और कौन करेगा? बच्चों के ऊपर मैं रिस्क नहीं ले सकती। आप खुद ही बताओ क्या हमें ऐसा रिस्क लेना चाहिए?” जयराज ने कहा, “मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा, मैं बहुत परेशान हूँ।” जानवी उदास हो गई, “मुझे बस आप ही के ऊपर मेरा भरोसा है कि आप ही सब ठीक कर सकते हैं।” जयराज ने जानवी को अपनी बाहों में लेते हुए कहा, “अच्छा, ऐसे उदास मत हो। ठीक है, मुझे ही करना होगा।” अगले दिन ऑफिस खत्म होने के बाद ऑफिस के लोग ऑफिस से बाहर आ रहे थे। रौनित ऑफिस से बाहर निकलती हुई परी से कहने लगा, “आज मेरे साथ चलोगी।” परी ने उससे पूछा, “कहाँ जाना है?” रौनित ने कहा, “किसी से मिलवाना है। यह मत पूछना कौन है, जब मिलोगी तो पता चल जाएगा।” परी ने कहा, “फिर भी जाना कहाँ है?” रौनित ने इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए कहा, “अगर मैं ना बताऊँ तो नहीं चलोगे मेरे साथ? यकीन नहीं है मुझ पर?” परी कहने लगी, “ठीक है, चलती हूँ।” वह रौनित के साथ उसकी बाइक की तरफ जाने लगी। युग अपनी गाड़ी निकाल रहा था। उसके साथ वह मॉडल भी थी। वह दोनों गाड़ी में बैठ चुके थे। जैसे ही उसने देखा परी रौनित की बाइक पर बैठ रही है, उसे गुस्सा आने लगा। मॉडल गौहर ने कहा, “तो फिर हम कहाँ चलेंगे? अगर तुम्हें बुरा ना लगे तो, होटल में मेरा रूम बुक है। वहाँ चलते हैं। मुझे तुमसे ज़रूरी बात भी करनी है।” मगर युग का ध्यान उसकी बातों पर कहाँ था? उसका ध्यान तो सामने परी पर था जो रौनित के साथ बाइक पर बैठने वाली थी। युग ने गौहर से कहा, “सुनो तुम टैक्सी से चली जाओ। मुझे बहुत ज़रूरी काम है।” और वह जल्दी से गाड़ी से निकलकर परी की तरफ जाने लगा। परी मोटरसाइकिल पर बैठ गई थी। रौनित मुस्कुरा कर बोला, “मेरे कंधे पर हाथ रख लो।” युग ने कहा, “मिस परिणीता मेहता, बहुत ज़रूरी काम है आपसे।” वह मोटरसाइकिल से उतर गई थी। युग ने कहा, “जो ऐड एडिटिंग का काम चल रहा है, उसी के बारे में बात करनी है। चाहो तो ऑफिस में बात कर लेते हैं। अगर तुम्हारे पास टाइम है तो मेरे साथ चलो। हम लोग रास्ते में बात कर लेंगे।” परी ने कहा, “ठीक है सर, मैं आपके साथ ही चलती हूँ।” वह युग के साथ आने लगी। मॉडल गौहर गाड़ी से उतर चुकी थी और वह वहाँ से जाने लगी। जब उसने युग के साथ परी को आते हुए देखा तो वह हैरान हो गई। उसने मन ही मन कहा, “उसने इस लड़की के लिए मुझे गाड़ी से उतार दिया।” युग और परी, वह दोनों एक साथ गाड़ी में बैठ चुके थे। युग मन ही मन सोच रहा था, “मेरा पूरा प्लान बर्बाद हो गया। इसको काबू करना बहुत मुश्किल काम है। मैंने रूम बुक करवाया था, सोचा था आज काम पूरा हो जाएगा।”
सितारों से आगे एपिसोड 75
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यश ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अरे मैंने तो मजाक किया था, तुम तो सचमुच सीरियस हो गए।” वो हँसने लगा। यश ने कहा, “पहले मेरा तो कुछ होने दे, फिर ही तुम्हारा होगा। मेरे वाली तो मुझे देखती भी नहीं।” युग ने कहा, “तो भाई देखना चाहिए ना उसे? इतना हैंडसम भाई और ऊपर…







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