प्रदीप मेहता की पूरी जिम्मेदारी मैं लेता हूं ।
वह बहुत अच्छा कमाता है।
बहुत अच्छा इंसान है। उसकी जिंदगी में कोई नहीं ।
कोई बुरी आदत नहीं, ना शराब न सिगरेट ना लड़की कोई शौक नहीं।
घर से ऑफिस ऑफिस से घर।
मेरा राइट हैंड है, वह मेरा पूरा काम देखता है ।
आप लोग सोच लीजिए ।
तभी प्रीति जो दरवाजे के पास खड़ी बात सुन रही थी वह बाहर आई।
मुझे जिंदगी में किसी के साथ शादी नहीं करनी ।वो अपनी आंखों में आए पानी को साफ करते हुए वापस कमरे में चली गई।
जानवी उठ कर प्रीति के पीछे चली गई। प्रीति बेड की बैक के साथ टेक लगाएं बैठी थी ।उसकी आंखों में पानी आ रहा था ।वह उसे बार-बार साफ कर रही थी ।
क्या हालत बना ली है तुमने इन 15 दिनों में। जानवी ने उसके पास बैठते हुए कहा।
और तुम लोग क्या कह रहे हों ।
ऐसा कैसे हो सकता है ।
मैंने सिर्फ और सिर्फ वरुण को चाहा जिंदगी में ।
मुझे किसी की जरूरत नहीं ।मेरा बच्चा है जिंदगी बताने के लिए ।
मैं इसी के सहारे अपनी जिंदगी काट लूंगी।
अच्छा ।
ठीक है ।जय राज जानवी के पीछे कमरे में आया था ,उसने कहा ।
तुम्हारे मॉम डैड ने कहा है के अगर तुम अबॉर्शन नहीं करवाओगी
वह तुम्हें घर में नहीं रहने देंगे।
तुम्हारे मॉम डैड बच्चा रखने नहीं देंगे।
मैं घर छोड़ दूंगी ।
क्या उम्र है तुम्हारी।
20 साल ।प्रीति ने कहा ।
क्वालिफिकेशन क्या है ।
क्या करती हो। जय राज ने खड़े-खड़े ही पूछा।
मैं फाइनल ईयर में हूं ।
आप जानते तो हैं ,जानवी के साथ ।
तो तुम्हारी आमदनी का साधन क्या है।
मतलब घर छोड़ने के बाद क्या करोगी ।
माना तुम छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ा सकती।
क्या होगा । तुम्हें रहने के लिए घर चाहिए होगा और बच्चे के लिए पिता बनना पड़ेगा।
क्या तुम अपने बच्चे को नाजायज होने का टैग कैसे स्वीकार करोगी ।
अगर तो तुम्हारे पास कोई खुद कोई अच्छा काम होता जिसके दम पर
तुम आप खुद को और बच्चे को पाल सकती ।
तब बात और थी। तुम्हारी क्वालिफिकेशन भी इतनी नहीं है कि तुम कोई जॉब कर सको।
प्रीति जय राज के चेहरे की तरफ देख रही थी ।क्योंकि उसकी बातें सच थी।जय थोड़ी देर के लिए चुप हो गया।
मिस्टर मेहता को वरुण से बहुत प्यार था।
वह तुमसे इसलिए शादी के लिए तैयार है ।
क्योंकि उसे पता है कि तुम्हारे मां-बाप जबरदस्ती अबॉर्शन करवा देंगे।
तुम्हारे माता-पिता भी गलत नहीं है
हर एक मां-बाप अपने बच्चे की लाइफ के बारे सोचता है ।
और एक 20 साल की लड़की की अकेली नहीं रह सकती।
बाकी तुम खुद समझदार हो ।मैं तुमसे यही कहूंगा की तुम इस शादी के लिए तैयार हो जाओ ।
सिर्फ इस बच्चे के लिए। फिर अगर तुम्हें कोई भी प्रॉब्लम आती है तो मैं हूं ।
मैं तुम्हारे लिए बड़े भाई जैसा हुं।तुम मेरे लिए छोटी बहन जैसी हो।
हम दोनों हर जगह तुम्हारे साथ खड़े मिलेंगे ।जयराज ने प्रीति के सिर पर हाथ रखा और फिर वह कमरे से वापस जाने लगा ।
मैं शादी के लिए तैयार हूं ।
सिर्फ इस बच्चे के खातिर। प्रीति ने जयराज को कहा।
पंडित जी से मुहूर्त निकलवा कर तीन दिन बाद की शादी रखी गई । शादी बेहद सादगी से हुई। घर के लोगों के बीच ही उन लोगों के फेरे हो गए थे ।
प्रीति ने सिंपल सी रेड साड़ी में थी और मेकअप के नाम पर एक लिपस्टिक के अलावा कुछ नहीं था उसके चेहरे पर। उसने हल्का सा सेट पहना हुआ था। किसी भी तरह से वो नई दुल्हन नहीं लग रही थी ।वरुण और प्रदीप दो भाई थे उनके मां-बाप की मौत को कई साल हो चुके थे ।रिश्तेदारी में एक बुआ के अलावा उनका कोई नहीं था और वह इस टाइम अपने बच्चों के पास विदेश गई हुई थी। इसीलिए उनकी शादी में वरुण की तरफ से जय राज और जानवी के अलावा कोई नहीं था ।
प्रदीप मेहता के घर में प्रीति का गृह प्रवेश की रस्म भी जानवी ने ही करवाई थी । गृह प्रवेश के बाद प्रीति ने हाल में कदम रखा ।हाल की सामने की दीवार पर वरुण और प्रदीप दोनों भाइयों की खूबसूरती फोटो लगी हुई थी। वो उस तस्वीर की तरफ देखने लगी ।उसकी आंखों में आंसू थे ।
वो बहुत अजीब थी फील कर रही थी ।
कहां तो उसे इस घर में खुशी से आना था ।
मगर आज वह आंसू लेकर आई थी। जानवी ने और रेणुका ने प्रीति को सोफे पर बैठा दिया। घर की मेड सबके लिए चाय ले आई थी।
थोड़ी देर जानवी , रेणुका और जय राज वह तीनों प्रीति और प्रदीप के पास बैठे हुए इधर उधर की बातें करते रहे।
अब हमें चलना चाहिए। जय राज ने टाइम देखते हुए कहा ।
रेणुका तुम्हें हम छोड़ देंगे ।जय ने रेणुका की तरफ देख कर कहा ।
आ जाओ जयराज उन दोनों से कहता हुआ बाहर की तरफ जाने लगा । प्रदीप जयराज के साथ वह भी उसके साथ ही बाहर आ गया ।
अब वहां पर रेणुका, प्रीति और जानवी अकेली बैठी हुई थी ।
हम लोग जा रहे हैं। खुद का ख्याल रखना ।
जानवी और रेणुका ने उसे कहा।
अगर किसी भी वक्त जरूरत हो फोन कर लेना।
फिक्र मत करो मिस्टर मेहता बहुत अच्छे इंसान हैं ।
इतने दिनों में इतना तो मैं जान गई हूं । जानवी ने कहा।
तारीफ तो वरुण भी बहुत करता था अपने बड़े भाई की। प्रीति ने कहा ।
प्लीज प्रदीप तुम्हें बहुत ध्यान से काम लेना होगा।
एक तो उसकी उम्र कम है और फिर जिंदगी में जो हुआ उसके लिए बहुत मुश्किल है। जयराज मिस्टर मेहता को समझा रहा था ।
आप फिक्र मत कीजिए ।
वह तीनों वहां से निकल गए थे ।प्रदीप मेहता वापस फ्लैट में आ गया था।
प्रीति वैसे ही सामने सोफे पर बैठी हुई थी ।
आइए मैं आपको अपना रूम दिखा दुं। मिस्टर मेहता ने प्रीति से धीरे से कहा ।
उसने एक कमरे का दरवाजा खोला आप इस रूम में रह सकती हैं ।
यह वरुण का कमरा है।
मेरा कमरा जहां साथ वाला है ।
किसी भी चीज की जरूरत हो आप मुझे बुला लीजिए ।








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