शादी के बाद क्या होता है, मुझे पता है। जिस लड़की को रात तुम्हारी हेल्प से हॉस्पिटल ले जाया गया था ना, उसकी हालत तो उसके पति की वजह से हुई थी। वह नशे में पड़ा था और किसी और के साथ। हमने उसके कमरे से किसी को निकलते देखा था।
अपनी फ़्रेंड को तो तुम ले गई, मगर उसका क्या?
“क्या मतलब?” रेणुका ने उसकी तरफ देखा।
“मेरा घर आ चुका है, अब मैं जा रही हूँ।” उसने गाड़ी रोकी और वो उतर कर जाने लगी। अनीक भी गाड़ी से उतरा और उसके साथ आने लगा।
रेणुका रुकी और उसकी तरफ देखा।
“तुम मेरे पीछे क्यों आ रहे हो? अब जाओ।”
“मुझे आंटी-अंकल से मिलना है। जहाँ तक आया हूँ, तो उनसे मिल लूँ।”
“कोई ज़रूरत नहीं है। अब तुम जा सकते हो।” रेणुका ने उसे कहा और घर का गेट खोल कर अंदर जाने लगी। अनीक वहाँ पर रुका नहीं, वो उसके साथ ही अंदर आ गया।
“मैंने कहा ना, जाओ तुम!” अब रेणुका ने उसे थोड़ा रूडली कहा।
“आईए अनीक जी, आईए!” रेणुका का बड़ा भाई, समर, जो लॉन में ही बैठा था, वह अनीक को अंदर आते देखकर उठकर आ गया।
“कैसे हैं भाई आप?” अनीक ने आगे होकर उससे हाथ मिलाया।
“मैं ठीक हूँ। आप रेणुका को छोड़ने आए थे। अब जानवी कैसी है?” समर ने रेणुका से पूछा।
“ठीक है भाई। उसे घर छोड़ दिया है।” वह दोनों को वहीं छोड़कर अंदर जाने लगी।
अनीक अंदर जाती हुई रेणुका की तरफ देखने लगा। समर ने अनीक के चेहरे की तरफ देखा।
“तुम दोनों में कोई प्रॉब्लम है क्या?” उसकी बात पर अनीक हँसता है।
“वह कहती है उसे शादी नहीं करनी, मगर मुझे इन्हीं के साथ शादी करनी है।”
“आप हमें पसंद हो, पूरी फैमिली आपको लाइक करती है, मगर उसकी मर्ज़ी के बिना तो शादी नहीं होगी।” समर ने कहा।
“बस आप मुझे परमिशन दे दो कि मैं उसे मना सकूँ। मैं उसे मना लूँगा।” अनीक ने एक्साइटेड होकर कहा।
उसके बाद समर मुस्कुराया।
“मैंने तो सुना था आप अभी शादी नहीं करना चाहते।”
“जब तक मैं रेणुका से नहीं मिला था, वह तब की बात थी। अब मुझे शादी करनी है।”
“ठीक है, मगर उसको इतना लाइटली मत लो। बहुत ज़िद्दी है, उसे मनाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी।”
“ज़िद्दी हो सकती है, मगर बहुत सिम्पल है। जो उसका कारण है शादी न करने का, उसे चेंज किया जा सकता है।” अनीक के मुँह से निकल गया।
“तो समझने लगे हैं उसे? सही बात है, वो एक सिम्पल और प्यारी सी लड़की है। जो मेरी बहन को इतना समझ जाए, सीधी सी बात है, वह उसे खुश तो रखेगा। इन तीनों सहेलियों का ग्रुप है, दो की शादी हो चुकी है, सिर्फ़ यही रहती है। असल में उन दोनों की प्रॉब्लम की वजह से यह शादी नहीं करना चाहती।”
“सही बात है।” अनीक ने कहा। “तो लगता है मुझे इनके सारे ग्रुप से दोस्ती करनी पड़ेगी।”
चलिए अंदर चलते हैं, मॉम-डैड से भी मिल लो। वह दोनों उठकर अंदर चले गए थे। रेणुका लॉबी के सोफ़े पर दोनों पैर ऊपर रखे हुए बैठी थी। उसके हाथ में चाय का कप और दूसरे हाथ में रोल किया हुआ पराठा था।
“मेरे लिए एक पराठा और बना दो।” वह खाते हुए बोल रही थी।
“आंटी, मैं भी खाऊँगा।” अनीक ने उसके पीछे ही कहा।
“यह तेल वाला पराठा है, यह चीज आपके हज़म नहीं होंगी।” रेणुका ने उसे कहा।
“मुझे लगता है मुझे अब ऐसी ही चीजें हज़म होंगी। अब मैं अपनी आदतें बदलने वाला हूँ।” अनीक ने कहा।
रेणुका बोलने से पहले सोचती भी नहीं थी। उसकी माँ ने उसे टोका। उसकी मॉम ने टेबल पर ब्रेकफ़ास्ट लगा दिया। सभी बैठ चुके थे। मेड किचन में खाना बना रही थी, तो उसकी भाभी सभी को सर्व करने लगी।
“रेणुका, तुम भी आ जाओ।” उसकी माँ ने कहा।
“मैं यहीं ठीक हूँ, मुझे नहीं आना।”
“चलो उठो, यह कौन सा तरीका है?” अपनी मॉम के कहने पर रेणुका उठ कर डाइनिंग टेबल पर आकर बैठ गई।
अनीक मुस्कुराकर उसे देख रहा था।
“वैसे आंटी, यह हमेशा से ऐसी है।” इससे पहले कि उसकी मॉम जवाब देती, रेणुका ने कहा,
“मैं ऐसी ही हूँ।” रेणुका की भाभी ने उसके भाई के चेहरे की तरफ देखा, क्योंकि जी क्या हो रहा था, उसे भी समझ नहीं आ रहा था। उसकी मॉम को भी टेंशन हुई क्योंकि उसे अनीक रेणुका की शादी के लिए पसंद था, मगर वह तो उसके साथ लड़ने की तैयारी में थी।
“मॉम, आप टेंशन मत लो, मैं आप लोगों को पूरी बात बताता हूँ।” समर ने उनके चेहरे देखते हुए कहा। “अनीक जी को रेणुका पसंद है, मगर रेणुका को नहीं।”
“आप कह सकते हैं कि इसने मुझे रिजेक्ट कर दिया।” अनीक उसकी बात के बीच में बोला। मॉम और भाभी रेणुका के चेहरे की तरफ देखने लगीं।
“मैंने अनीक से कह दिया है। हम सबको तो आप बहुत पसंद हैं। अगर ये रेणुका से हाँ करवा लेता है तो हम शादी के लिए तैयार हैं।”
“सही बात है।” उसकी माँ ने भी स्माइल दी। उन सब की बातों के बीच रेणुका उठकर जाने लगी।
“अब तुम कहाँ जा रही हो?” उसकी माँ ने कहा।
“मुझे आप लोगों की बातों में बिल्कुल इंटरेस्ट नहीं है और मैं रात भर की थकी हुई हूँ। रेस्ट करने कमरे में जा रही हूँ।” जाते हुए उसने एक पराठा और उठाया, उसका रोल बनाकर खाने लगी।
अनीक उसे जाता हुआ देखता रहा। वो लड़की उसे सचमुच बहुत अच्छी लग रही थी। अनीक वर्मा एक बिज़नेस फैमिली से संबंध रखता था। उसके फैमिली बाहर सेटल थी। वह इंडिया में आया था और वह इंडिया में अपने कारोबार को बढ़ाना चाहता था। उसने आते ही वह होटल खरीदा था। अब रेणुका की वजह से यहीं सेटल होने का फैसला कर लिया था।
जहाँ जब लड़कियों को पता चलता था कि वह एक अमीर बाप का बेटा है और विदेश से आया हुआ है, तो लड़कियाँ उसके आगे-पीछे घूमती थीं, मगर यह लड़की उससे सीधे बात भी नहीं कर रही थी।








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