मॉम, डैड कहते हुए जूही अंदर आई। जानवी और जय एक-दूसरे से अलग हुए। वे दोनों ड्रेसिंग रूम में थे, इसलिए जूही ने उन्हें नहीं देखा था।”हम यहीं हैं, बेटा,” जानवी बोली और उसने जयराज को बाहर जाने का इशारा किया।”अच्छा हुआ तुम आ गई। तुम्हारी मॉम तैयार ही नहीं हो रही। तुम इसकी हेल्प करो,” कहते हुए जयराज रूम से बाहर निकल गया।वह रूम से निकलते हुए मुस्कुरा रहा था क्योंकि जानवी को तैयार उसने नहीं होने दिया था। आज भी उसके साथ ऐसी छोटी-छोटी शरारतें जय को बहुत पसंद थीं। इतने सालों में उसका प्यार लगातार बढ़ रहा था। जानवी उसके दिल की धड़कन बन चुकी थी।”क्या बात है, डैड बहुत मुस्कुरा रहे हैं?” जयराज सीढ़ियों से नीचे आ रहा था।”बस ऐसे ही। तुम्हारी भाई से बात हुई? कितनी देर में पहुँच जाएगा?” जयराज ने यश से पूछा क्योंकि युग और परी दोनों गोवा से सीधे आज ही आने वाले थे।”उन्होंने कहा है कि वे सीधे पार्टी में पहुँचेंगे। परी भाभी भी उनके साथ है।””ठीक है,” जयराज ने कहा।”मॉम, डैड कब के तैयार होकर चले गए और आप हैं कि आपने साड़ी भी नहीं पहनी?” वो जानवी की साड़ी निकालने लगी जो उसे आज पहननी थी।”कोई बात नहीं, बेटा, मैं तैयार हो जाऊँगी। तुम जाकर तैयार हो जाओ।” जानवी ने जूही को रेडी होने के लिए भेज दिया था।थोड़ी देर में जानवी जाने के लिए तैयार थी। जानवी और जूही दोनों नीचे आए।”तुम लड़कियाँ इतना टाइम क्यों लेती हो तैयार होने में? देखो हम बाप-बेटा कब से तैयार हैं।” जयराज जानवी और जूही को देखकर बोला।”बिल्कुल सही बात है। तुम्हारी मॉम भी अभी तक तैयार नहीं हुई। मैं तैयार हो चुका हूँ।” राजन जो नीचे के कमरे से बाहर आया था, उसने कहा। तभी जया भी राजन के पीछे कमरे से बाहर आ गई।”हम औरतें आप मर्दों की वजह से लेट होती हैं।” वो हँसकर कहने लगी।”किसी ने युग से पूछा, वह कहाँ पहुँचा?” जानवी कहने लगी।”मॉम, भैया और भाभी सीधे पार्टी में पहुँचेंगे।” यश ने कहा। जानवी यश से बात कर रही थी, मगर जय का ध्यान जानवी की तरफ था, जिसने व्हाइट कलर की बेहद खूबसूरत साड़ी पहनी हुई थी। स्लीवलेस ब्लाउज़ और डायमंड की ज्वेलरी के साथ वह बहुत खूबसूरत लग रही थी।”मैं तो कहता हूँ आज हम दूसरी बार शादी कर लेते हैं। पहली शादी भी कोई शादी थी, कोर्ट में साइन किए और शादी हो गई।” जय ने हँसते हुए कहा।”मैंने तुमसे कहा था कि पंडित जी को बुलाकर फेरों की रस्म करते हैं। तुम ही नहीं माने।” राजन ने कहा।”हाँ, कितनी जबरदस्ती शादी की थी तुम्हारी, और इन दोनों के चेहरे देखने वाले थे!” जया भी कहने लगी। “जैसे इन दोनों को फाँसी लगने वाली हो। मेरी तुम दोनों को देखकर जान सूख रही थी, आगे क्या होगा।””क्यों? क्या हुआ था चेहरों को, दादी माँ?” जूही ने पूछा।”12:00 बज रहे थे, इन दोनों के चेहरों पर तेरा बाप शादी नहीं करना चाहता था। मैंने इन दोनों की शादी जबरदस्ती कराई। अगर तब मैं जिद पर नहीं आता, तो इन दोनों की शादी कभी नहीं होती।” राजन बताने लगा।”आप एक-दूसरे से शादी क्यों नहीं करना चाहते थे?” यश ने पूछा। “समझा, आप दोनों को कहीं और शादी करनी थी। मतलब अरेंज मैरिज नहीं, लव मैरिज? अगर आप दोनों जिस तरह से रहते हैं, आपको देखकर कोई नहीं कह सकता कि आपको कहीं और शादी करनी थी।” यश और जूही काफी हैरान हो रहे थे।”तुम्हारे इस बाप से कौन लव मैरिज करता?” जया बोली।”माँ, आप मेरी इंसल्ट कर रही हैं। मैं तीन बच्चों का बाप हूँ, थोड़ा तो लिहाज करो मेरा।” जयराज ने कहा।”बोलने से सच्चाई तो नहीं बदल जाएगी।” राजन ने उसे टोका।”और मॉम, आप शादी क्यों नहीं करना चाहती थीं?” जूही ने पूछा।”अब तुम्हारे डैड मुझसे उम्र में इतने बड़े थे, तो कौन सी लड़की चाहेगी उसका पति उम्र में बड़ा हो।” जानवी कहने लगी। “सबसे बड़ी बात, शादी से पहले मुझसे मिलने भी नहीं आए और तो और मेरी इंगेजमेंट रिंग भी मॉम ने पहनाई थी। फिर मैं कैसे शादी के लिए खुश होती, जिसको मैंने देखा भी नहीं था।” जानवी शिकायत कर रही थी।”देखा तो था उस दिन कैफे में, सहेलियों के साथ मेरी पिक्चर को गूगल कर रही थी, भूल गई क्या? और क्या-क्या रिव्यू दिए जा रहे थे मेरे बारे में।””तो आपको कैसे पता मॉम आपके बारे में देख रही है? मॉम, आपने भी तो उस दिन देखा होगा डैड को।” जूही और यश दोनों बड़े इंटरेस्ट के साथ उनकी स्टोरी सुन रहे थे।”ये चेहरे पर मास्क लगाकर बैठे थे और आपको क्या पता था कि ये वहीं पर हैं।” उसकी बात पर यश और जूही दोनों हँसने लगे। “तो फिर आप उस दिन नहीं मिले?””मैं और मेरी सहेलियाँ भी वहाँ से चली गईं और तुम्हारे डैड भी वहाँ से चले गए थे।””तो क्या आप शादी से पहले बिल्कुल नहीं मिले थे?” जूही ने पूछा।”मिले थे, बिल्कुल मिले थे।” जानवी ने जय की तरफ मुस्कुराकर देखा।”सारी स्टोरी सुनाना ज़रूरी है क्या? बाकी की स्टोरी युग से सुन लेना।” जयराज ने बात वहीं खत्म की और जाकर जानवी का हाथ पकड़ लिया।”चलो जान, चलते हैं, यार बच्चों के आगे सारी स्टोरी थोड़ी सुनानी है।” वो धीरे से जानवी से बोला।”क्यों, सुना देते हैं ना, आप क्या-क्या कांड करते थे शादी से पहले।” जानवी ने भी उसे धीरे से वापस कहा।”वह तो शादी से पहले की बातें हैं। ऐसे क्यों कह रही हो?” वह दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे से बात कर रहे थे।”जो बातें आप धीरे कर रहे हैं, हमें भी सुना दीजिए।” यश ने कहा।”अब देर हो रही है, चलो सभी।” जयराज ने झूठे गुस्से के साथ कहा। वे सभी वहाँ से जाने के लिए निकल गए थे।
सितारों से आगे एपिसोड 95

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मॉम, डैड कहते हुए जूही अंदर आई। जानवी और जय एक-दूसरे से अलग हुए। वे दोनों ड्रेसिंग रूम में थे, इसलिए जूही ने उन्हें नहीं देखा था।”हम यहीं हैं, बेटा,” जानवी बोली और उसने जयराज को बाहर जाने का इशारा किया।”अच्छा हुआ तुम आ गई। तुम्हारी मॉम तैयार ही नहीं हो रही। तुम इसकी हेल्प…







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