सितारों से आगे एपिसोड 96

क्यों सुना देते हैं ना,”आप क्या-क्या कांड करते थे शादी से पहले?” जानवी ने भी उसे धीरे से वापस कहा।”वह तो शादी से पहले की बातें हैं। ऐसे क्यों कह रही हो?” वह दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे से बात कर रहे थे।”जो बातें आप धीरे कर रहे हैं, हमें भी सुना दीजिए।” यश ने कहा।”अब देर हो रही है, चलो सभी।” जयराज ने झूठे गुस्से के साथ कहा। वे सभी वहाँ से जाने के लिए निकल गए थे।”बच्चों, तुम दोनों दादा-दादी के साथ जाओ, हम दोनों दूसरी गाड़ी से जाएँगे।” जयराज ने कहा।”कोई जरूरत नहीं है, आने दो ना बच्चों को साथ में।” जानवी कहने लगी।”बस तुम्हें तो बच्चों की फिक्र रहती है। अब वह बच्चे नहीं रहे। चलो दोनों दूसरी गाड़ी में।”यश जानबूझकर उनकी गाड़ी तक आया। उसे पता था कि उसके डैड उसे गाड़ी में बैठने नहीं देंगे।”डैड, आपका ड्राइवर बन जाता हूँ।” यश ने कहा।जानवी उन दोनों बाप-बेटों की तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। यश का स्वभाव हमेशा से जानवी जैसा था। वह शरारती था, सबसे प्यार करने वाला। अगर कोई दो बातें सुना भी दे उसे, तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था। वह सबको प्यार ही इतना करता था।”कोई जरूरत नहीं है।” जयराज ने फिर कहा।”हमारे साथ ही आ जाओ।” राजन ने पीछे से आवाज लगाई।”जब-जब तुम्हें पता है कि वह तुम्हें साथ लेकर नहीं जाएगा, फिर भी तुम उनके साथ जाने की जिद कर रहा है।” जूही यश से कहने लगी।”मैं तो डैड को छेड़ रहा था। मॉम, डैड की शादी उनकी मर्जी के बिना हुई है। मैं यह बात नहीं मान सकता। देखा नहीं, डैड मॉम के बिना तो साँस भी नहीं लेते।””अब तू अपने डैड की बात को छोड़। मैं तुम्हारे लिए लड़की ढूंढ रहा हूँ।” राजन ने कहा।”दादू, मेरे लिए?” यश ने हैरानगी से कहा। “मुझसे बड़े तो युग भाई हैं। आप उनके लिए लड़की ढूंढो।” गाड़ी चलाता हुआ यश कहने लगा।”मिल तो गई उसके लिए लड़की। दोनों साथ में कितने अच्छे लगते हैं। हम सोचते हैं दोनों भाइयों की शादी एक साथ ही कर दें।” जया कहने लगी।”परी मुझे शुरू से पसंद थी, फिर प्रीति और प्रदीप, वह भी तो घर के बच्चे हैं। अब तुम्हारे लिए लड़की ढूंढनी है। वैसे एक लड़की है मेरी नज़र में।””पहली बात, युग भाई मुझसे कितने बड़े हैं, तो उतना ही हमारी शादी में गैप होगा। फिर आप क्यों परेशान हो रहे हैं, ढूंढ लूँगा ना मैं खुद अपने लिए लड़की।” यश ने मुस्कुराकर कहा।”अगर तुम्हारी नज़र में कोई है तो बताओ। नहीं तो, जैसे तुम्हारे बाप की शादी की थी, वैसे तुम्हारी कर दूँगा।””दादू, युग भाई की शादी जब होगी देखी जाएगी। इसकी शादी तो करा दो।” जूही ने यश को छेड़ते हुए कहा।”वैसे आज मिलवा दूँगा तुम्हें उस लड़की से। बहुत प्यारी बच्ची है।” राजन ने कहा। “उसके दादा और मैं पुराने दोस्त हैं। बहुत सालों के बाद मिला है वह मुझे। उसकी पोतीयाँ मुझे देखते ही पसंद आ गई।””तो क्या आप दो लड़कियों से यश की शादी कराएँगे? दोनों बहनें हैं, अगर दोनों इसको पीटने लगी तो?” जूही ने शरारत के साथ कहा और वह साथ में यश की तरफ मुस्कुराकर देख भी रही थी।”दादू, आप तो सच में सीरियस हो गए। मैं अभी शादी नहीं करने वाला।”थोड़ी ही देर में वे उस जगह पर पहुँच चुके थे जहाँ प्रोग्राम था।जय खुद गाड़ी ड्राइव कर रहा था और जानवी उसके साथ बैठी थी। जैसे ही उन्होंने गाड़ी रोकी, पूरे मीडिया ने उन्हें घेर लिया। जयराज अपनी गाड़ी से उतरा और फिर उसने जानवी की साइड जाकर गाड़ी का डोर खोला। जानवी का हाथ पकड़कर उसे नीचे उतारा। फिर उसने जानवी की कमर में हाथ डालकर उसके साथ अंदर जाने लगा।”प्लीज सर, हमें आपका छोटा सा इंटरव्यू चाहिए था।” एक रिपोर्टर ने कहा।जयराज ने जानवी की तरफ देखा।”आप दोनों इतने साल से साथ हैं, आपकी ज़िंदगी का सफ़र कैसा रहा?””बहुत मज़ेदार। ऐसी ज़िंदगी जिसकी चाह इंसान की चाह हो सकती है।””मुश्किलें भी तो आई होंगी। कभी लगा नहीं कि अलग हो जाएँ। बहुत बार माफ़ किया होगा आपने एक-दूसरे को।””मुश्किलें तो बहुत आईं। मगर हम साथ थे ना एक-दूसरे के। जब से मैंने इन्हें एक बार देख लिया, तब से लेकर आज तक छोड़ने का ख्याल तो बहुत दूर की बात। इन्हें आँखों से भी दूर नहीं कर सका।” जयराज सिंघानिया ने जानवी तरफ़ प्यार से देखते हुए कहा।”मैडम आप बताइए। ज़िंदगी के इतने साल कैसे रहे?””जब हमने ज़िंदगी एक साथ शुरू की थी। शादी के दिन तो बहुत बुरा लग रहा था। नहीं जानते थे हम एक-दूसरे को, मगर इतने सालों के बाद ज़िंदगी के हमने दुख-सुख साथ में देखें।”इतने में गाड़ी से उतरकर जया और राजन सिंघानिया के साथ जूही और यश आ गए थे।”आपका बड़ा बेटा दिखाई नहीं दे रहा।” एक प्रेस रिपोर्टर ने कहा।तभी पास एक और गाड़ी रुकी और उसमें युग और परी उतरे।”मैं आपको केवल अपने बड़े बेटे से नहीं, बहू से भी मिलवाती हूँ।” जानवी ने कहा। वे दोनों भी वहीं आ गए थे।”अब और सवाल नहीं, प्लीज।” जयराज कहने लगा। “आप सब लोग पार्टी के अंदर लीजिए और एन्जॉय कीजिए।””शादी की बात तो खत्म ही नहीं हो रही।” परी ने धीरे युग से कहा। वे दोनों सभी के पीछे आ रहे थे।”अब मैं बात करूँगा, फिर ही बात क्लियर होगी।” युग कहने लगा।”जो भी बातें करनी है, बाद में कर लेना।” जय ने उन दोनों को आगे जाने का इशारा किया। वे दोनों जो पीछे रह गए थे, आगे चले गए। मगर दोनों साथ में बातें कर रहे थे। वे दोनों इस बात से अनजान थे कि जो प्रेस रिपोर्टर वहाँ पहुँच चुके थे। सभी का ध्यान उन दोनों पर ही था और उन दोनों की पिक्चर्स क्लिक हो रही थीं।वे दूर जाना चाहते थे और किस्मत उन्हें और ज़्यादा पास लेकर आने वाली थी। जयराज और जानवी गेस्ट से मिलने के लिए आगे बढ़ चुके थे। परी अपनी मॉम-डैड से मिलने लगी। राजन और जया अपने अपनी फ्रेंड से मिलने लगे। जूही यश से बात कर रही थी।जूही का ध्यान एक लड़के पर, जो हाल में इंटर हो रहा था, उसके ऊपर गया। “इसे यहाँ पर किसने बुलाया?” वो सोचते हुए उसकी तरफ जाने लगी।”किसने बुलाया तुम्हें?” जूही ने उससे कहा।”हेलो, कैसी हो जूही?” उस लड़के ने कहा।”मिस सिंघानिया कहो। मिस जूही सिंघानिया, समझे।””तो कैसी है आप मिस जूही सिंघानिया?” वह लड़का बोला।”समझी, इस होटल में काम करते हो और अच्छे कपड़े पहनकर पार्टी एन्जॉय करने लगे।””अरे, तुम दोनों क्या बातें कर रहे हो?” पीछे से रेणुका ने कहा।”रेणुका मासी कहकर।” जूही रेणुका के गले लग गई।”निक, तुम तो कहते थे जूही भी तुम्हें नहीं पहचानती।” रेणुका ने उस लड़के से कहा।”तुम दोनों बातें करो, मैं जानवी और जय जीजू से जाकर मिलती हूँ।” यह कहकर वो आगे बढ़ गई।”मॉम-डैड कहाँ हैं?” निक ने जाते हुए अपनी मॉम से पूछा।”यहीं तो थे मेरे साथ, वो रहे, कोई मिल गया होगा।”जूही भी रेणुका के पीछे जाने लगी।”मेरी बात तो सुनो।” निक जूही के पीछे गया। “क्यों नाराज़ हो रही हो? सॉरी उस दिन के लिए। मैंने तुमसे मज़ाक किया था। मुझे लगा तुम मुझे पहचान लोगी।””मेरे पीछे मत आओ, समझे तुम।”यश जूही और निक दोनों को देख रहा था। “अब इन दोनों को क्या हो गया?” वह उन्हें देखता हुआ मुड़ने लगा और अचानक एक लड़की से टकरा गया। उस लड़की के हाथ में जूस का गिलास था। जूस उस लड़की के कपड़ों पर गिर गया।”देखते नहीं, अंधे हो क्या?” वह लड़की अपना सूट साफ़ करने लगी।”तुम कहाँ पर…” यश ने उसे देखकर कहा।”और तुम कहाँ पर क्या कर रहे हो?”


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