“मुझे इन दोनों का मैटर समझ नहीं आता। पूरे नेशनल टेलीविज़न पर तो लव बर्ड बनकर घूमते हैं और यहाँ पर ऐसे बोल रही है,” प्रीति ने कहा। “फ़िक्र मत करो। लड़कियों की ना का मतलब हाँ होता है,” अनीक ने कहा, जो अब तक चुप था। उसके कहने पर रेणुका ने उसकी तरफ़ आँखें निकालकर देखा। “मुझे ऐसा क्यों लगता है कि तुम मुझ पर टोंट मार रहे हो?” “अब आप दोनों लड़ाई करने मत लग जाना। जहाँ मेरी शादी का मसला है, आप दोनों का नहीं,” निक बीच में बोला। मौसी, पता है आपको, मॉम-डैड दोनों एक-दूसरे में इतनी बिजी रहते हैं। क्या बताऊँ! इनको कोई होश ही नहीं है कि उनका बेटा जवान हो चुका है। उसे भी कोई लड़की पसंद आ गई है, उसने शादी करनी है। बस डैड को तो उसे मॉम के सिवा कोई नहीं दिखता। जैसे मॉम सामने हुईं, छेड़ना शुरू, फिर मॉम को गुस्सा आ जाएगा। वह रूठ जाएंगी। फिर मनाते रहेंगे मॉम को। कभी गिफ्ट देंगे, कभी डिनर पर लेकर जाएँगे। थैंक गॉड कि हम लोग विदेश में हैं, अगर इंडिया में होते तो इनका क्या होता! बस बच्चे हैं दोनों। निक ने आज अपने मन की बात कह दी थी। वह जानता था कि रेणुका मौसी हमेशा उसकी बात सुनती है और उसकी साइड भी लेती है। उसकी बात पर सभी हँसने लगे थे। “तुम्हारा बेटा बिलकुल तुम दोनों के जैसा है,” प्रदीप ने कहा। रेणुका और अनीक अपनी बेटों की बातों पर मुस्कुरा रहे थे। “तुम्हारे डैड से पहली बार मिला था मैं, तो तभी समझ गया था कि इनका स्वभाव कैसा है। बहुत खुशमिजाज हैं, कोई बनावट नहीं। जैसे अंदर से हैं, वैसा ही बाहर से।” प्रदीप मेहता अनीक की तारीफ़ करने लगा। “बहुत मुश्किल से मनाया था तुम्हारी मॉम को शादी के लिए।” “जानता हूँ, इनकी लव स्टोरी रोज़ सुनता हूँ। सुबह से लेकर शाम तक,” निक ने कहा। “मुझे भी अपने मॉम-डैड की लव स्टोरी जाननी है, मगर मुझे कोई बात ही नहीं याद रहती,” परी ने कहा। “सभी की लव स्टोरी डिफरेंट होती है। किसी की शादी से पहले शुरू हो जाती है तो किसी की बाद में। हमारी लव स्टोरी शादी के बाद शुरू हुई है।” प्रदीप ने बड़े प्यार से परी से कहा। “और हमारी लव स्टोरी की वजह तुम थी। तुम्हारे बिना हमारी लव स्टोरी कभी नहीं बनती।” प्रदीप ने जो बात खुलकर नहीं कहना चाहता था, उसने इशारों में कही थी। “तुम्हारे डैड सिर्फ़ जयराज की आँखों का इशारा समझते थे। मैं खुद देखा है। फिर तुम्हारी मॉम तुम्हारे डैड की ज़िन्दगी में आई। तुम्हारी मॉम ने बहुत बदल दिया। अब तो ये तुम्हारी मॉम के आँखों के इशारे समझते हैं।” अनीक मज़ाक में कहने लगा। “सही बात है, जब इन दोनों की शादी हुई थी, तब मुझे लगता था इन दोनों का क्या होगा। मगर तुम्हारी मम्मी ने एक शेर को पिंजरे में डाल ही दिया। अब तो तुम्हारी मॉम के बिना तुम्हारे डैड साँस भी नहीं ले पाते।” रेणुका ने प्रीति की तरफ़ देखा। उसे अपनी सहेली का वह दिन याद था जिस दिन उन दोनों की शादी हुई थी। आज प्रदीप और प्रीति, परी के साथ दोनों बहुत खुश थे। प्रदीप प्रीति को जान से ज़्यादा चाहता था। वह बोलकर प्यार नहीं जताता था, मगर उसने प्रीति को अपने आप से एक पल के लिए भी कभी दूर नहीं किया था। “सब लोग मेरी टाँग क्यों खींच रहे हो?” प्रदीप मेहता ने कहा। “कोई उन लोगों से फोन करके तो पूछो, वो दोनों कैसे हैं,” रेणुका ने कहा। “चलो, फोन लगाते हैं।” प्रीति ने जानवी को फोन लगाया। बेल जाती रही मगर उसने फोन नहीं उठाया था। “तुम्हें ये तीनों सहेलियाँ हर बात शेयर करती हैं। इन्होंने अपने पतियों का कोई सीक्रेट भी नहीं छोड़ा होगा।” अनीक कहने लगा। “काश मुझे भी कोई ऐसी फ़्रेंड मिल जाए,” परी ने कहा। “मुझे बनाओ अपना फ़्रेंड, मैं तैयार हूँ,” निक ने कहा। “मुझे फ़्रेंड कैसे बना लूँ, मुझे लड़की सहेली चाहिए।” “निक, तुम्हारे लिए एक खुशखबरी है, जय तुम्हें पसंद करता है। वह चाहता है जूही और तुम अगर एक-दूसरे को पसंद करो तो उसे शादी से कोई प्रॉब्लम नहीं।” प्रदीप मेहता ने बताया। “क्या बात कह रहे हैं!” वो खुश हो गया। “मगर मैंने पार्टी में देखा, जूही और तुम्हें, कोई प्रॉब्लम है क्या?” परी ने कहा। “प्रॉब्लम नहीं है, मैंने उसके साथ मज़ाक किया था, उसी को लेकर गुस्सा है। वैसे परी, तुम तो इतना बोलती हो, इतनी शरारती हो, मगर आंटी-अंकल का स्वभाव जरा डिफरेंट है तुमसे।” निक ने कहा। उसकी बात पर प्रदीप मेहता और प्रीति ने एक-दूसरे की तरफ़ देखा। “अच्छा, छोड़ो इस बात को। अब फिर फोन मिलाओ जानवी को।” प्रीति ने कहा। वह लोग फिर फोन मिलाने लगे। परी ध्यान से अपने मॉम और डैड के चेहरों की तरफ़ देख रही थी। निक की बात पर प्रदीप मेहता काफी चुप हो गया था। महक को जयराज को पता चल चुका था कि कुंदन श्रीवास्तव ने किस-किस को हायर किया था। उसने सभी लोगों को रातों-रात गायब होने को कहा है क्योंकि पुलिस सभी को पकड़ रही है। जयराज के पास प्रूफ़ है। जयराज के ऑफिस में काम करने वाला क्लर्क देव अपनी बेटी से कह रहा था। यह वही क्लर्क देव था जो यश के काफी नज़दीक हो गया था और उसकी बेटी भी। महक कुंदन श्रीवास्तव के कहे पर काम कर रही थी। “यश पूरी तरह से मेरे कब्ज़े में आ चुका है। अगर मैं कहूँगी तो वह मुझसे शादी भी कर लेगा। शायद उसे ज़्यादा नहीं पता कि क्या हुआ है।” “पागल हो क्या! जयराज की आँखों से कुछ नहीं छुपता। अगर यश कब्ज़े में है तो उससे पैसे ऐंठो। अगर शादी की बात चली तो जयराज सिंघानिया एक पैसा नहीं देगा। हो सकता है वह यश को भी घर से निकाल दे।” “क्या कह रहे हैं?” “सच कहता हूँ, यशराज सिंघानिया तुम्हारी बातों में इसलिए आ गया, वह बहुत सिंपल है, अपनी मॉम के जैसा। जयराज की वाइफ़ भी ऐसी ही है। मगर जरा जयराज के सामने तुम्हारी बात की तो याद रखना, हमारा खेल ख़त्म हो जाएगा।” “तो फिर मैं क्या करूँ पापा?” महक ने कहा। “तुम बस सिर्फ़ उससे मिलती रहो और किसी न किसी बहाने से पैसे लेती रहो। शादी नहीं हो सकती, जयराज की नज़र में नहीं आना तुम्हें। वरना तुम सोच भी नहीं सकती जयराज क्या चीज़ है।” असल में देव की बेटी महक को यश के पीछे कुंदन श्रीवास्तव ने ही लगाया था। जब ऑफिस में आज सिंपल एम्पलाई कम कर रहा था। वह महक के काफी नज़दीक हो गया था। जहाँ तक कि उससे शादी करने को भी तैयार था। अगर कुंदन श्रीवास्तव पकड़ा ना जाता तो उसका प्लान यही था। शादी करके सिंघानिया मेंशन पहुँच जाए। मगर अभी भी वह लालची नहीं छोड़ रही थी। दिखने में भोली-भाली, सिंपल, मगर असल में एक तेज-तर्रार लड़की थी। इसके सपने बहुत बड़े थे और उसके पिता भी उसका पूरा साथ दे रहे थे।
sitaron se aage episode 101
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“मुझे इन दोनों का मैटर समझ नहीं आता। पूरे नेशनल टेलीविज़न पर तो लव बर्ड बनकर घूमते हैं और यहाँ पर ऐसे बोल रही है,” प्रीति ने कहा। “फ़िक्र मत करो। लड़कियों की ना का मतलब हाँ होता है,” अनीक ने कहा, जो अब तक चुप था। उसके कहने पर रेणुका ने उसकी तरफ़ आँखें…







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