सितारो से आगे 120

लिफ्ट जैसे ही रुकी, दरवाज़ा खुला और वे सभी एक आलीशान से कॉरिडोर में उतर आए। यह वही जगह थी जो तीन अलग-अलग पेंटहाउस फ्लैट्स के आगे खुलती थी। वहाँ दो सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे, जिन्होंने झुक कर सभी को नमस्ते किया।वातावरण देखकर सहज ही यह अनुमान लगाया जा सकता था कि अगर बाहर से इतनी भव्यता है, तो अंदर का नज़ारा कितना शानदार होगा।”तुम दोनों मेरे साथ चलो,” जानवी ने परी और युग से कहा।”और तुम तीनों मेरे साथ,” जयराज ने शिवानी, जूही और यश से कहा।तीनों पेंटहाउस एक ही कतार में थे, पर अंदरूनी डिज़ाइन और साज-सज्जा बिल्कुल अलग थी। जयराज, शिवानी और जूही एक पेंटहाउस में दाखिल हुए जबकि जानवी, परी और युग दूसरे में।”हम लोग कहाँ आ गए हैं मॉम?” युग ने उत्सुकता से पूछा।जैसे ही दरवाज़ा खुला, वे एक बेहद खूबसूरत पेंटहाउस के अंदर दाखिल हुए। आधुनिक इंटीरियर, बड़ी-बड़ी खिड़कियाँ और खुली छत—हर चीज़ शानदार थी।”बहुत ही सुंदर जगह है,” युग ने कहा।”मगर ये है किसका? यहां तो कोई है भी नहीं… क्या हम किसी से मिलने आए हैं?” परी ने भी हैरानी जताई।जानवी हल्की मुस्कान के साथ बोली, “चलो, बाहर की टेरेस भी देखो।” वह उन्हें पेंटहाउस की खुली टेरेस की ओर ले गई, जहाँ एक बेहद खूबसूरत बैठने की जगह बनी थी। सामने एक झील दिखाई दे रही थी, और दूर तक फैली हरियाली ने दृश्य को मनमोहक बना दिया।”क्या कमाल की जगह है मॉम,” युग ने कहा।”है ना?” परी ने भी सहमति जताई।उसी टेरेस से जुड़ी एक दूसरी टेरेस पर उनकी नज़र पड़ी। वहाँ जयराज, यश, जूही और शिवानी खड़े थे। बीच की दीवारें छोटी-छोटी थीं, जो दोनों टेरेस को अलग भी करती थीं और जोड़ती भी।वे सब वहाँ इकट्ठा हो गए। जयराज अब सबके बीच था।”कैसा लगा ये घर?” उसने पूछा।”बहुत ही खूबसूरत,” यश ने कहा।”और देखो, इन तीनों घरों के लिए एक कॉमन जिम भी है,” जयराज ने इशारा किया।”इतना सस्पेंस क्यों बना रहे हो?” जूही ने मुस्कराते हुए पूछा।”क्योंकि ये दोनों घर अब तुम्हारे हैं,” जयराज ने मुस्कराते हुए कहा। “शादी के बाद यही तुम्हारा नया आशियाना होगा।””यह शिवानी और यश का होगा, और वो वाला युग और परी का,” उसने स्पष्ट किया।युग ने कुछ देर चुप रहने के बाद कहा, “हमें क्यों लगता है कि हम यहां रहने आएंगे? हम तो आप सबको छोड़कर कहीं और नहीं जाने वाले। हम सब साथ रहेंगे।””और तुम्हें कौन अलग कर रहा है?” जयराज ने गंभीरता से कहा, “बस कुछ वक्त के लिए, ताकि तुम दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझ सको, थोड़ा वक्त मिले एक-दूसरे के साथ। जब बच्चे होंगे, तो वे हमारे पास ही रहेंगे, क्योंकि हम तुम लोगों को तो कभी-कभी छोड़ सकते हैं, मगर अपने पोते-पोतियों को नहीं। है ना जानवी?” उसने जानवी की ओर देख कर मुस्कराते हुए पूछा।जानवी भी मुस्करा दी।”तुम लोग हमसे दूर नहीं हो,” जयराज ने कहा, “दोनों भाई एक ही कॉम्प्लेक्स में रहेंगे। साथ रहेंगे, मगर प्राइवेसी भी बनी रहेगी।””मगर भाइयों के बिना मेरा मन नहीं लगेगा,” जूही ने कहा।”जब तुम्हारा मन करे, तुम जहाँ चाहो वहाँ रह सकती हो। किसी ने कोई पाबंदी थोड़े ही लगाई है।” जयराज ने कहा। “और वो जो तीसरा घर है, शादी के बाद तुम्हें गिफ्ट करूंगा।””मगर मैं तो शादी भी नहीं करना चाहती और ना ही अलग घर में रहना चाहती हूँ,” जूही ने झट से कहा।शिवानी अब भी उलझन में थी। उसके चेहरे पर कन्फ्यूजन साफ नज़र आ रहा था।”क्या कोई बताएगा कि कौन क्या करेगा?” उसने जानवी से धीरे से पूछा।”जो जयराज का हुक्म है, वही सब करेंगे,” जानवी ने हंसकर कहा।”अब हम लोग चलें, बहुत रात हो गई है। डैड के कई फोन आ चुके हैं,” जयराज ने कहा।”शिवानी और परी को छोड़कर आओ,” जानवी ने कहा।युग परी को और यश शिवानी को छोड़ने चला गया।गाड़ी में बैठते समय जयराज ने जानवी से पूछा, “मेरा फैसला सही था ना?””बिल्कुल सही,” जानवी ने कहा। “चाहती तो मैं भी नहीं कि मेरे बच्चे मुझसे दूर रहें, मगर बच्चों को बड़ा होते देख हमें सोच-समझकर कदम उठाने पड़ते हैं।””जानती हो जानवी, मुझसे जो गलती हुई थी, जो मेरे पिताजी ने की थी, वही मैं दोहराना नहीं चाहता। यही वजह थी कि वे मुझसे दूर हो गए। मैं नहीं चाहता कि ये कहानी दोबारा दोहराई जाए।””मैं चाहता हूँ कि यश और युग दोनों भाई हमेशा साथ रहें। और इसी वजह से मैं अपनी संपत्ति को इस तरह से बाँटूँगा कि न रिश्तों में खटास आए, न प्यार में कोई कमी।””और सिर्फ बेटों की ही नहीं, बेटियों की भी बराबर की हिस्सेदारी होगी,” जयराज ने मुस्कराकर कहा। “जूही, तुम्हें क्या लगता है तुम्हारी हिस्सेदारी कम होगी?”जूही, जो पास ही बैठी थी, बोली, “मुझे कुछ नहीं चाहिए दादा।””मुझे पता है मेरी बेटी को क्या चाहिए,” जयराज ने गर्व से कहा, “अगर उसे कोई पसंद होगा तो मुझे बताना, मगर मेरी बेटी को उसका हक ज़रूर मिलेगा।””तुम्हें क्या लगता है, मैंने तुम्हें यूँ ही पाया है? तुम्हें पाने के लिए मैंने कितनी मन्नतें माँगी थीं,” जयराज ने भावुक होकर कहा।जानवी उसकी बातों पर हँसने लगी।”मुझे ऐसा लग रहा है कि शिवानी थोड़ी कंफ्यूज है,” जानवी ने कहा। “मगर फ़िक्र मत करो। यश बहुत सीधा और सच्चा है। उसके प्यार पर कभी शक मत करना।””वह बिल्कुल तुम्हारे जैसा है,” जयराज ने जानवी की ओर देखते हुए कहा।इतनी बातचीत के बाद वे सभी अपने-अपने घरों की ओर रवाना हो गए।शिवानी को छोड़ने जा रहा था यश। वह खुद ड्राइव कर रहा था और शिवानी उसके बगल वाली सीट पर बैठी थी। हमेशा की तरह सुरक्षा की गाड़ियाँ पीछे चल रही थीं। पूरी फैमिली की मूवमेंट के दौरान सिक्योरिटी स्क्वॉड हमेशा सतर्क रहती थी, लेकिन इस तरह से, कि बाहर वालों को कोई ख़ास हलचल न दिखाई दे।कार के शीशों से बाहर देखते हुए शिवानी खामोश थी। उसकी नज़रें कहीं दूर, किसी ख़याल में खोई हुई थीं।”क्या देख रही हो?” यश ने खुद ही सवाल कर दिया।शिवानी उसकी ओर मुड़ी। कुछ पल उसे देखती रही, फिर बोली, “मुझे तुम्हारी फैमिली में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं थी… लेकिन सबसे मिलकर अच्छा लगा। सब बहुत प्यारे हैं। बस, जो रहने का आइडिया है ना… वो मुझे पसंद नहीं आया।””तुम्हारा मतलब उन अलग-अलग घरों में रहने से है?” यश ने सहजता से पूछा।”हाँ। मैं सबके साथ रहना चाहती हूँ।” शिवानी की आवाज़ भावुक थी।”कोई बात नहीं,” यश ने मुस्कुराकर कहा, “शायद वे लोग अभी न मानें, मगर एक बार हम शिफ्ट हो गए, तो फिर… अगर हम सब एकसाथ रहना चाहें, तो कौन निकालेगा हमें उस घर से?”उसके हल्के-फुल्के लहजे पर शिवानी भी मुस्कुरा दी।”वैसे,” उसने बात बदलते हुए कहा, “तुम्हारे मम्मी-पापा… उनका रिश्ता बहुत खूबसूरत है। डैड, मॉम की बहुत परवाह करते हैं।”यश की मुस्कान और गहरी हो गई।”परवाह?” उसने हल्के ठहाके के साथ कहा, “दीवाने हैं मॉम के।”शिवानी ने उसकी बात पर हल्के से सिर हिलाया, “सच कहूँ तो… तुम जैसे हो, तुम्हारी फैमिली को जानने का मन करता है। धीरे-धीरे सबको समझ पाऊँ, यह सोचकर अच्छा लगता है।””तभी तो कहता हूँ,” यश गंभीर होते हुए बोला, “जैसे-जैसे तुम मेरी फैमिली को जानोगी, तुम्हें और अच्छा लगेगा। क्योंकि मैं तुम्हें जानता हूँ, और मुझे पता है कि तुम…”वह अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाया था कि उसके फोन की रिंग बजी।”फोन क्यों नहीं उठाते?” शिवानी ने कहा, “बात बीच में मत रोको, देखो कौन है।”यश ने नज़र घुमाई। स्क्रीन पर अननोन नंबर फ्लैश हो रहा था। कुछ क्षण झिझकने के बाद उसने कॉल रिसीव कर ली।फोन उठाते ही एक तेज़ आवाज़ आई—”तुम मेरा फोन क्यों नहीं उठा रहे? मुझे ब्लॉक कर दिया है क्या?”यश ने एक गहरी साँस ली।”महक…” वह फुसफुसाया।शिवानी ने चौंककर उसकी तरफ देखा।


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