— प्रीति ने सोच लिया था। उसे किसी भी हालत में तेजस के दिल में अपनी जगह बनानी थी। अगर तेजस उसे नहीं चाहता, तो कोई बात नहीं। मगर वो हार मानने वालों में नहीं थी। ऑफिस में व्यस्तता बढ़ रही थी। तेजस का काम बढ़ता जा रहा था और अकेले राहुल के लिए सब संभालना मुश्किल हो रहा था। “सर, मैं सोच रहा था… वैसे तो मैं आपका सेक्रेटरी का काम देख ही रहा हूँ… लेकिन अब एक और सेक्रेटरी की ज़रूरत है। इससे मेरा भी काम कम हो जाएगा और आपको भी हेल्प मिलेगी,” राहुल ने सुझाव दिया। “तो फिर ठीक है,” तेजस ने तुरंत जवाब दिया, “सेक्रेटरी के लिए एक इंटरव्यू रखो।” राहुल ने चौंक कर उसकी तरफ देखा। तेजस इतनी जल्दी मान जाएगा, उसे उम्मीद नहीं थी। वो सोचने लगा — तेजस के दिमाग में क्या चल रहा है? क्योंकि इतनी जल्दी मानने वालों में तेजस खन्ना नहीं था। “ठीक है सर… वैसे हमारे ऑफिस में शिव कुमार है… मुझे लगता है वो इस काम के लिए ठीक रहेगा… बाक़ी आप बताइए…” “नहीं,” तेजस बोला, “एक लड़का तो तुम हो… अब मुझे एक लड़की चाहिए सेक्रेटरी के रूप में। तुम्हें देखकर मैं बोर हो जाता हूँ…” “सर, क्या कह रहे हैं आप…” राहुल मुस्कुरा कर बोला। “मेरी बात मानो, लड़के ऑफिस में वैसे ही बहुत हैं, … सेक्रेटरी के रूप में अब एक लड़की होनी चाहिए…” तेजस खन्ना ने राहुल से कहा।”तो फिर आपने सोच लिया… तो सोच ही लिया…” राहुल ने कहा। — अब यह बात पूरे ऑफिस में फैल चुकी थी — सीईओ के लिए एक फीमेल सेक्रेटरी की इंटरव्यू होने वाली है। सभी लड़कियाँ सोचने लगीं कि अगर उन्हें यह जॉब मिल जाए, तो उनकी किस्मत बदल सकती है। तनख्वाह ज़्यादा थी, और शायद सीईओ के दिल में जगह भी मिल जाती। मेनका, जो पिछले दो साल से ऑफिस में काम कर रही थी, एक फाइल लेकर किसी बहाने से तेजस के केबिन में चली गई। “May I come in, sir? ये फाइल लेकर आई थी,” मेनका ने कहा। “ऐसा करो, फाइल रख दो और चली जाओ,” तेजस ने ठंडे लहजे में जवाब दिया। मेनका जब ऑफिस में नई आई थी, तब तेजस ने कुछ समय तक उस पर ध्यान दिया था — मगर फिर कभी उसकी तरफ देखा भी नहीं। मगर आज फिर उम्मीद जग गई थी। “सर, मैंने सुना है सेक्रेटरी की इंटरव्यू हो रही है…” “बिल्कुल हो रही है,” तेजस ने कहते हुए उसके कंधे पर हाथ रख दिया। वो उठकर मेनका के पीछे आकर खड़ा हो गया। मेनका को लगा — शायद नौकरी मुझे ही मिल जाए… “सर, मैं भी सेक्रेटरी की जॉब करना चाहती हूँ,” उसने झिझकते हुए कहा। “तुम जॉब करना चाहती हो?” तेजस ने पूछा। “जी सर… सच कहती हूँ, आप मुझे जॉब दे दीजिए… फिर तो मैं पूरा दिन आपके ऑफिस में रह सकूंगी…” तेजस मुस्कुराया, “तुम दिल बहलाने के लिए बुरी नहीं… टाइम पास हो सकता है… लेकिन मेरी सेक्रेटरी बनने के लिए तुम में वह बात नहीं है…” उसे तेजस की यह बात चुभी, मगर वह चुप रही। “ऐसी क्या कमी है मुझमें?” “मैंने कब कहा कि कोई कमी है… अब तुम जा सकती हो,” तेजस ने बात खत्म कर दी और उसे केबिन से निकल जाने को कहा। — तेजस की एक मीटिंग ऑफिस से बाहर था। राहुल भी उसके साथ था। “जो मॉडल्स चाहिए थे हमें ऐड के लिए, उनका क्या हुआ?” तेजस ने पूछा। “दो-तीन लड़कियाँ फाइनल की हैं। अब देखना है कि ऐड किसे देना है,” राहुल ने जवाब दिया। “ठीक है, तीनों को कल मेरी होटल में मिलने के लिए भेज दो,” तेजस ने कहा। राहुल हँस पड़ा। “तू हँस क्यों रहा है?” तेजस ने ड्राइव करते हुए पूछा। “सर, सच बताइए… इतनी सारी लड़कियों से आपका मन नहीं भरता?” “किसी एक लड़की से मेरा मन बहुत जल्दी भर जाता है। मुझे रोज़ नई लड़की पसंद आती है,” तेजस ने खुलकर कहा। “ठीक है… मैं उन्हें कल आपसे मिलने के लिए कह दूँगा…” “और जो सेक्रेटरी की जॉब के लिए ऐड देना था, उसका क्या हुआ?” “हाँ, मैंने पेपर के लिए भेज दिया है। कल सुबह न्यूज़पेपर में छप जाएगा। वैसे इंटरव्यू आप लेंगे या मैं?” “सीधी बात है — मैं लूंगा। सेक्रेटरी कैसी होगी, ये मैं बेहतर समझता हूँ।” “पर सर, उसे असिस्ट तो मुझे करना है, इंटरव्यू तो मुझे लेना चाहिए…” राहुल ने मजाक किया। “नहीं, नहीं… जब तुम्हें चुना था, तब भी मैंने ही चुना था,” तेजस मुस्कुराया। “बिलकुल याद है। हम दोनों कॉलेज में साथ थे। हमारी तो पहले बिल्कुल नहीं बनती थी। फिर जब दोस्ती हुई, तब से अब तक साथ हैं।” “जब मैंने बिज़नेस जॉइन किया, तो सबसे पहले तुम्हें ही अप्रोच किया। और तुमने बहुत अच्छा काम किया। मैं अपनी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा अगर किसी पर भरोसा करता हूँ, तो वो तुम हो। मेरी फैमिली को भी मेरे बारे में उतना नहीं पता जितना तुम्हें पता है,” तेजस भावुक होकर बोला। “सर, अब ज़्यादा चने के झाड़ पर मत चढ़ाइए मुझे…” राहुल हँसते हुए बोला। “नहीं सच कह रहा हूँ। वैसे… तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? डर मत, बता दे… मैं उस पर नज़र नहीं डालूँगा।” “सर, मुझे आप पर इतना भरोसा है कि मेरी फैमिली को आप अपनी फैमिली मानते हैं…” “बिलकुल मानता हूँ। तुम्हारे माँ-पापा मेरे अपने जैसे हैं। तुम्हारी बहनें मेरी भी बहनें हैं,” तेजस ने कहा। ” तो आज तक मिलवाया नहीं तुमने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से…” “सर, सच में… अभी तक मेरी लाइफ में कोई नहीं है। जिस दिन कोई आएगी, सबसे पहले आपसे मिलवाऊँगा। मुझे कोई एक रात या एक दिन के लिए नहीं… पूरी ज़िंदगी के लिए चाहिए।” “और यहीं हम दोनों की सोच अलग है…” तेजस ने हल्की मुस्कान के साथ कहा। “लेकिन एक दिन आएगा जब आपके मुँह से भी यही सुनूँगा… और तब आपको भी आपकी लेडी बॉस मिल जाएगी…” राहुल हंसते हुए कहने लगा। — कृपया मेरी सीरीज़ पर अपने कमेंट्स दें। आपको ये कैसी लग रही है, ज़रूर बताएं। रेटिंग और रिव्यू देना न भूलें। अगर पसंद आ रही हो, तो लाइक करें और फॉलो भी। —

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— प्रीति ने सोच लिया था। उसे किसी भी हालत में तेजस के दिल में अपनी जगह बनानी थी। अगर तेजस उसे नहीं चाहता, तो कोई बात नहीं। मगर वो हार मानने वालों में नहीं थी। ऑफिस में व्यस्तता बढ़ रही थी। तेजस का काम बढ़ता जा रहा था और अकेले राहुल के लिए सब…







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