“…तो इसलिए आज तक तुमने मुझे नहीं मिलवाया अपनी गर्लफ्रेंड से?” “…आप क्या कहने लगे सर… सच में मेरी लाइफ में अभी तक कोई नहीं है। जिस दिन कोई आएगी, मैं आपको ज़रूर मिलवाऊंगा… क्योंकि मुझे कोई एक दिन या एक रात के लिए नहीं चाहिए — पूरी ज़िंदगी के लिए चाहिए।” “आप और मेरी सोच में यही फर्क है…” “…और एक दिन मैं ये सब आप ही के मुँह से सुनूंगा, और उम्मीद है वो दिन जल्दी आएगा… बहुत जल्दी… जब आपको भी आपकी ‘लेडी बॉस’ मिल जाएगी।” — ऑफिस में तेजस की नई सेक्रेटरी के लिए इंटरव्यू चल रहा था। तेजस खुद इंटरव्यू ले रहा था। कई लड़कियों को तो उसने सिर्फ देखकर ही रिजेक्ट कर दिया। “किसी को सिर्फ देखकर उसके बारे में सब कुछ नहीं जाना जा सकता,” राहुल ने कहा। “इन लड़कियों की क्वालिफिकेशन अच्छी है, एक बार इंटरव्यू तो ले लीजिए…” “जो ऑफिस में दिखने में भी ठीक ना लगे, मैं उसे काम पर नहीं रखता,” तेजस ने ठंडे लहजे में जवाब दिया। आधा दिन इंटरव्यू चलता रहा, मगर तेजस को कोई लड़की पसंद नहीं आई। — तभी तेजस के घर से फोन आया — उसके डैड हॉस्पिटल में एडमिट हो चुके थे। उसे तुरंत जाना पड़ा। “बाकी इंटरव्यू तुम देख लेना,” तेजस ने राहुल से कहा। “मैं किसी का इंटरव्यू नहीं लेने वाला,” राहुल बोला। “क्यों?” “क्योंकि अगर मैंने किसी को उसकी काबिलियत के हिसाब से रख लिया, और आपने उसे निकाल दिया… तो मैं क्या जवाब दूंगा? इसलिए बेहतर है आप खुद देखें…” “मेरे पास टाइम नहीं है। सच कह रहा हूँ — जिसे भी तुम रखोगे, मैं नहीं निकालूंगा… तुम्हारी कसम,” तेजस ने कहा और हॉस्पिटल निकल गया। राहुल ने इंटरव्यू कंटिन्यू किया। उसे जो कैंडिडेट सबसे उपयुक्त लगी, उसने उसी लड़की को जॉब पर रख लिया — नाम था “तपस्या कपूर”। साथ ही, राहुल ने उससे एक एग्रीमेंट साइन करवाया — अगर ऑफिस उसे निकालता है, तो ऑफिस 50 लाख रुपए देगा। अगर वह खुद जॉब छोड़े, तो उसे भी 50 लाख देने होंगे। राहुल जानता था — तेजस किसी भी दिन मूड में आकर निकाल सकता है। इस एग्रीमेंट का मतलब था — कम से कम 6 महीने तक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। — तेजस कुछ दिन ऑफिस नहीं आ सका। डैड की तबीयत और फिर दूसरे कामों में उलझा रहा। जब वह तीन दिन बाद ऑफिस लौटा, उसने जैसे ही अपने केबिन में कदम रखा — एक लड़की काले कुर्तेऔर सफेद प्लाजो में कुछ फाइलें अरेंज कर रही थी। “गुड मॉर्निंग, सर,” उस लड़की ने कहा। “तुम कौन हो? और यहाँ क्या कर रही हो?” “सर, मैं आपकी नई सेक्रेटरी हूं। मेरा नाम तपस्या कपूर है।” तेजस उसे देखकर कुछ देर चुप रहा। लड़की खूबसूरत थी, मगर उसका पहनावा तेजस की सोच से अलग था। उसके हिसाब से तो मिनी स्कर्ट और टाइट टॉप में कोई स्मार्ट गर्ल होनी चाहिए थी। “राहुल ने भी क्या नमूना ढूंढ निकाला है,” तेजस ने सोचा। उसने तुरंत राहुल को फोन किया, “मैं ऑफिस में हूं।” “सर, अभी आ रहा हूं,” राहुल ने कहा। राहुल जैसे ही ऑफिस पहुंचा, तेजस ने तपस्या के सामने ही कहा: “इसके अलावा और कोई नहीं मिली तुम्हें? देखो जरा इसके कपड़े!” “सर, आप मेरी बेइज्जती मत कीजिए। अगर आपको मेरा काम पसंद नहीं, तो मैं छोड़ देती हूं,” तपस्या ने गुस्से में कहा। “तुम जॉब नहीं छोड़ सकतीं। अगर तुमने छोड़ा, तो तुम्हें 50 लाख देने होंगे। और अगर ऑफिस निकालता है, तो ऑफिस को देने होंगे… और वैसे भी, किसी ने मेरी कसम खाई है — तुम्हें नहीं निकालूंगा,” तेजस बोला। “तुम अभी बाहर जाओ!” “सर, ये कौन-सा तरीका है बात करने का,” राहुल बोला, “मैंने पहले ही कहा था कि मैं इंटरव्यू नहीं लूंगा। अब अगर ये लड़की जाएगी, तो मैं भी जाऊंगा। मेरी भी इज़्जत का सवाल है, और आपने मेरी कसम खाई है।” “ठीक है… छह महीने से ज़्यादा नहीं रखूंगा इसे,” तेजस गुस्से से बोला। राहुल मुस्कुराया, “मुझे पता था, मेरा दोस्त मेरी कसम नहीं तोड़ेगा।” “अब ज़्यादा नौटंकी मत करो, और जाकर काम करो। उसे कहो कि मेरे लिए कॉफी लाए, और फाइलें अरेंज करे। देखूं तो सही, काम आता है या नहीं…” “सर, वो बहुत होशियार है… मैंने उसके दिमाग को देखकर ही रखा है,” राहुल बोला। — थोड़ी देर में तपस्या वापस आई। राहुल ने उसे काम समझाया। उसने बिना तेजस की तरफ देखे अपना काम शुरू किया। तेजस ने नोट किया — वह लड़की काम में तेज़ थी। “बुरी नहीं है… काम संभाल सकती है,” तेजस ने मन में सोचा। “तुम्हारा नाम क्या है?” तेजस ने पूछा। “तपस्या कपूर, सर।” “तुम सिर्फ ऐसे ही कपड़े पहनती हो?” तपस्या ने अपनी सफेद शर्ट और प्लाजो की तरफ देखा, “सर, कभी-कभी जीन्स या ट्राउज़र पहनती हूं।” “जहाँ तक हो सके, वेस्टर्न ड्रेसेज़ में आया करो,” तेजस बोला। “जी सर,” तपस्या ने जवाब दिया। — अगले दिन… तपस्या ने सफेद शर्ट और ट्राउज़र पहना था। बाल पीछे बाँध रखे थे। वह स्मार्ट लग रही थी, मगर बाकी ऑफिस की लड़कियों से अलग — कहीं ज़्यादा शांत और प्रोफेशनल। “मुझे क्या…” तपस्या ने सोचा, “…अगर वो मुझे पसंद नहीं करते तो भी क्या फर्क पड़ता है।” उसे तेजस के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था। वह उससे दूर ही रहना चाहती थी। उसका फोकस सिर्फ अपने काम पर था। वह ऑफिस में किसी से ज़्यादा बात नहीं करती थी। अगर तेजस के साथ किसी मीटिंग में बाहर भी जाती, तो हमेशा उससे दूरी बनाए रखती। यह बात तेजस ने नोट की थी। “चलो, एक अच्छी बात तो है,” तेजस ने सोचा, “…ये लड़की मुझसे दूर ही रहती है।” — आपको मेरी सीरीज़ कैसी लगी? कृपया कमेंट करें, रेटिंग दें और फॉलो करना न भूलें। अगर यह कहानी पसंद आई हो, तो लाइक जरूर करें और स्टिकर भी दें। अगला एपिसोड चाहिए तो बताइए — क्या तेजस की नजरें धीरे-धीरे तपस्या की सादगी पर ठहरने लगेंगी? —
मिले ना मिले हम एपिसोड 4

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“…तो इसलिए आज तक तुमने मुझे नहीं मिलवाया अपनी गर्लफ्रेंड से?” “…आप क्या कहने लगे सर… सच में मेरी लाइफ में अभी तक कोई नहीं है। जिस दिन कोई आएगी, मैं आपको ज़रूर मिलवाऊंगा… क्योंकि मुझे कोई एक दिन या एक रात के लिए नहीं चाहिए — पूरी ज़िंदगी के लिए चाहिए।” “आप और मेरी…







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