श्रेणी: series
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मुझे चेंज करना है। जानवी जानबूझकर उसे इग्नोर करती हुई ड्रेसिंग रूम में गई और अलमारी खोलकर अपने कपड़े निकालने लगी। वह उसके पीछे आकर खड़ा हो गया। उसने पीछे से उसके पेट पर अपनी बाहें डाल लीं और उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला, “क्यों इग्नोर करती हो यार मुझे?” फिर उसने जानवी…
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युग घर आ गया होगा। जानवी ने समय देखते हुए कहा, “उसे भी साथ ले लेते हैं।” “बिल्कुल भी नहीं,” जानवी ने कहा, “नैनी और मोम उसके पास हैं। कुछ वक्त हम दोनों का भी तो होना चाहिए।” वह दोनों मूवी देखने चले गए। दोनों बहुत खुश थे। दोनों ने एक-दूसरे को मन से कबूल…
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और तुम्हें किसने कहा था कि पाँच मिनट की शर्त रखने को? जो वादा किया जाता है, उसे निभाना चाहिए। ऐसा कौन करता है? अब मुझे क्या पता था कि आप ऐसा करने वाले थे? अब ऐसे ही सरप्राइज़ के लिए तैयार रहो जान। जय राज ने बड़े प्यार से कहा। उसकी बात पर जानवी…
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प्रदीप मेहता ने घर फोन लगाया। “मैडम ने कुछ खा लिया है क्या?” “हाँ, मैडम ने खाना खा लिया। उन्होंने सुबह खुद ही खाना माँगा था।” “उनके खाने-पीने का ध्यान रखना। कल रात कुछ भी नहीं खाया था।” मिस्टर मेहता ने अपनी मेड लक्ष्मी से बात की। वह जानता था कि प्रीति की लापरवाही का…
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थोड़ी देर में मेड पानी लेकर आ गई। प्रीति का ध्यान घर की ओर नहीं गया था। वह एक शहर के पाश इलाके में स्थित आलीशान इमारत में मिस्टर मेहता के फ़्लैट में थी। उसमें खूबसूरत तीन बेडरूम, ड्राइंग रूम, एक हॉल, किचन, एक जिम और एक छोटा-सा ऑफिस भी था। प्रीति एक मध्यमवर्गीय परिवार…
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मेरे बहन-भाई। “हाँ, मुझे एक-एक बहन चाहिए, भाई भी होना चाहिए,” वह सोचते हुए कहने लगा। युग को जितने बहन-भाई चाहिए, उतने बच्चे होंगे हमारे। मगर अभी जानवी को अपनी पढ़ाई खत्म करने दो। बहुत छोटी है। जय ने मुस्कुराकर कहा। रेखा ने जानबूझकर बच्चों की बात की थी। उन्हें लगा था कि जय साफ-साफ…
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प्रीति वैसे ही सामने सोफे पर बैठी हुई थी । आइए मैं आपको अपना रूम दिखा दुं। मिस्टर मेहता ने प्रीति से धीरे से कहा । उसने एक कमरे का दरवाजा खोला आप इस रूम में रह सकती हैं ।यह वरुण का कमरा है।मेरा कमरा जहां साथ वाला है ।किसी भी चीज की जरूरत हो…
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प्रदीप मेहता की पूरी जिम्मेदारी मैं लेता हूं ।वह बहुत अच्छा कमाता है।बहुत अच्छा इंसान है। उसकी जिंदगी में कोई नहीं ।कोई बुरी आदत नहीं, ना शराब न सिगरेट ना लड़की कोई शौक नहीं।घर से ऑफिस ऑफिस से घर।मेरा राइट हैंड है, वह मेरा पूरा काम देखता है ।आप लोग सोच लीजिए । तभी प्रीति…
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क्या ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे मैं अपने भाई की आखिरी निशानी को बचा सकूँ? तुम अच्छे से जानते हो, ऐसा संभव नहीं है। प्रीति के आगे पूरी ज़िन्दगी पड़ी है और उसके माँ-बाप उसे घर पर तो नहीं बिठा सकते। आगे भी उसकी शादी करनी है। जयराज, प्रदीप मेहता को समझा रहा था।…
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बात करते हुए जय को ऐसा लगा जैसे उनके कमरे के अंदर कोई है। मगर जब वह कमरे में गया, वहाँ पर कोई नहीं था। मगर कमरे का दरवाज़ा खुला था। उसने कमरे के बाहर भी देखा, उसे कोई दिखाई नहीं दिया। हो सकता है युग आया हो। वह सोचता हुआ वापस मिस्टर मेहता से…